श्रावस्ती के भिनगा नगर में गणेश विसर्जन के दौरान माहौल भावुक हो गया। कई दिनों तक घरों और पंडालों में विराजमान रहे गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ जुटे। जैसे-जैसे विसर्जन की घड़ी करीब आई, भक्तों के चेहरों पर खुशी के साथ बिछड़ने का भाव भी साफ दिखाई दिया। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों से माहौल गूंजता रहा।
विसर्जन यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के बीच बप्पा को अंतिम विदाई देने पहुंचे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस पल का हिस्सा बना। कई भक्तों ने गणपति की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर अपनी मनोकामनाएं दोहराईं और अगले साल फिर से घर आने की प्रार्थना की। पूरे रास्ते भक्ति और उत्साह के बीच लोगों की आंखें कई बार नम होती नजर आईं।
गणेश उत्सव के इन दिनों में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। विसर्जन के समय ऐसा लगा जैसे लोगों ने सिर्फ प्रतिमा को विदाई नहीं दी, बल्कि अपने घर के किसी सदस्य को कुछ समय के लिए विदा किया हो। यही वजह रही कि खुशी के इस त्योहार का अंतिम पड़ाव भावुक कर देने वाला बन गया।
विसर्जन के बाद भले ही पंडाल और घरों से बप्पा की प्रतिमा चली गई, लेकिन भक्तों के मन में उनकी याद और आस्था बनी रही। भिनगा नगर में श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को अगले वर्ष फिर गणेश उत्सव साथ मनाने की शुभकामनाएं दीं। विदाई के इस पल में भी एक उम्मीद थी—बप्पा फिर आएंगे, खुशियां लाएंगे और अगले साल वही रौनक एक बार फिर लौटेगी।





















