अयोध्या में दीपोत्सव-2026 को इस बार और भव्य बनाने की तैयारी तेज हो गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई। इस बार रामनगरी में करीब 28 लाख दीप जलाने की तैयारी है, जबकि आयोजन को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है। रामायण आधारित सजावट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लेजर शो और ड्रोन प्रदर्शन के जरिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अलग अनुभव देने की तैयारी है।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या की सड़कों और प्रमुख स्थलों को रामायण के प्रसंगों से सजाने की योजना है। धर्मपथ पर रामायण आधारित प्रवेश द्वार, अलग-अलग कांडों की कहानी बताने वाले इंस्टॉलेशन और सेल्फी प्वाइंट बनाने पर भी जोर दिया गया है। सरयू तट पर विशेष सजावट के साथ डिजिटल और थ्री-डी प्रस्तुतियों की तैयारी है। पिछले दीपोत्सव में 2,100 वेदाचार्यों की महाआरती और 1,100 ड्रोन शो जैसे कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे थे, और इस बार भी तकनीक व संस्कृति के मेल को आयोजन का अहम हिस्सा बनाने की तैयारी है।
इस बार दीपोत्सव को सिर्फ अयोध्या तक सीमित न रखते हुए देश-विदेश से लोगों की भागीदारी बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है। भारतीय दूतावासों के माध्यम से विभिन्न देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों को आयोजन से जोड़ने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अलग-अलग राज्यों तथा देशों की रामलीला मंडलियों को शामिल करने की तैयारी है। आम लोगों और युवाओं को भी आयोजन से जोड़ने के लिए MyGov के माध्यम से सुझाव लेने और नई पीढ़ी को कला-संस्कृति से जोड़ने वाली कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना बताई गई है।
दीपोत्सव की तैयारियों में श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता और शहर की सजावट को भी प्राथमिकता दी जा रही है। दिशा-सूचक बोर्ड लगाने, सुबह से भजन प्रसारण और भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा हुई है। अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ दीप जलाने का आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि रामायण, लोककला, संगीत और आधुनिक तकनीक को एक साथ जोड़ने वाला बड़ा सांस्कृतिक उत्सव बनता जा रहा है। इस बार भी कोशिश यही है कि जब रामनगरी दीपों से जगमगाए, तो यहां आने वाला हर श्रद्धालु अपने साथ अयोध्या की एक खास याद लेकर लौटे।





















