अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आए मकानों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। जनौरा नाका क्षेत्र में हुई कार्रवाई से प्रभावित परिवारों से समाजवादी पार्टी ने मुलाकात की है। पार्टी के मुताबिक, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ के माध्यम से प्रभावित परिवारों से दूरभाष पर बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मदद का भरोसा दिया। इससे पहले भी सपा नेताओं ने मौके पर पहुंचकर परिवारों से कार्रवाई की जानकारी ली थी।
अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी अयोध्या के प्रभावित परिवारों का मुद्दा उठाया। सपा का कहना है कि चौड़ीकरण की कार्रवाई से जिन परिवारों के घर-दुकान प्रभावित हुए हैं, उनके साथ पार्टी खड़ी रहेगी। वहीं, प्रशासन का पक्ष है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए चिन्हित भवनों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन ने पहले नोटिस दिए जाने और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात कही है, जबकि प्रभावित परिवार कार्रवाई और मुआवजे को लेकर अपनी शिकायतें उठा रहे हैं।
इसी मामले में अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद बुधवार को जनौरा नाका पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि चौड़ीकरण से प्रभावित सभी लोगों को मुआवजा मिलना चाहिए और जिन लोगों को मुआवजा अधूरा मिला है, उन्हें शेष राशि भी दी जानी चाहिए। सांसद ने इस दौरान जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत भी की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी।
14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर अब प्रशासनिक कार्रवाई और प्रभावित परिवारों की मांगें आमने-सामने हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई मार्ग चौड़ीकरण की आवश्यकता और निर्धारित प्रक्रिया के तहत हुई, जबकि प्रभावित परिवार मुआवजे और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। जांच समिति द्वारा प्रभावित लोगों की बात सुने जाने की भी जानकारी सामने आई है। ऐसे में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजे से जुड़े फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।





















