अंबेडकरनगर। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बरियावन में रात के अंधेरे में जेसीबी से मकान और दुकानें गिराए जाने के मामले में पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। प्रथम दृष्टया ड्यूटी में लापरवाही पाए जाने पर अकबरपुर के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह समेत पांच पुलिसकर्मियों और हल्का लेखपाल रोहित लाल को निलंबित किया गया है। बुधवार को सीओ सिटी नीतीश कुमार को भी पुलिस कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। उनकी जगह अरुण कुमार नौहवार को सीओ सिटी की जिम्मेदारी दी गई है।
तीन जेसीबी से रात में गिराए गए मकान-दुकान
घटना 20 सितंबर की रात बरियावन-किछौछा मार्ग की है। रिपोर्टों के अनुसार नकाबपोश लोग तीन जेसीबी लेकर पहुंचे और कई मकान-दुकानों को ध्वस्त कर दिया। अलग-अलग रिपोर्टों में ध्वस्त परिसरों की संख्या 11 से लेकर दर्जनभर से अधिक बताई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दुकानें लंबे समय से संचालित थीं और कई परिवारों की रोजी-रोटी उनसे जुड़ी थी।
मामले में 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने कार्रवाई में इस्तेमाल तीन जेसीबी जब्त कर ली हैं और इंद्रजीत वर्मा तथा राहुल चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
पुलिस को भनक न लगने पर उठे सवाल
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के आदेश पर प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, हल्का प्रभारी अजय कुमार, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार पांडेय और कांस्टेबल उपेंद्र यादव समेत पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई। अधिकारियों के अनुसार घटना की जानकारी न होना और प्रभावी पर्यवेक्षण न करना प्रथम दृष्टया लापरवाही माना गया। लेखपाल रोहित लाल पर भी लापरवाही के आरोप में कार्रवाई हुई है।
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पीछे की जमीन तक रास्ता बनाने के लिए सामने बनी दुकानों को गिराया गया। हालांकि, ध्वस्तीकरण कराने वाले सभी लोगों की भूमिका और जमीन से जुड़े विवाद की जांच अभी जारी है। मामले में आगे और कार्रवाई की संभावना है।





















