लखनऊ। प्रदेश में जेलों में बढ़ती बंदियों की संख्या और क्षमता से अधिक बंदियों को रखने की समस्या कम करने के लिए छह नई जिला जेलों के निर्माण की तैयारी है। प्रस्तावित जेलें कानपुर नगर, औरैया, शाहजहांपुर, ज्ञानपुर-भदोही, मुरादाबाद और ललितपुर में बनाई जाएंगी। इन छह परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश में 7,732 बंदियों की अतिरिक्त क्षमता विकसित होने का दावा किया गया है। परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
प्रस्ताव के अनुसार कानपुर नगर की नई जेल की क्षमता 2,030 बंदियों की होगी। औरैया में 1,056, शाहजहांपुर में 1,520, ज्ञानपुर-भदोही में 574, मुरादाबाद में 2,000 और ललितपुर में 552 बंदियों को रखने की क्षमता विकसित की जाएगी। इससे खासतौर पर उन जेलों पर दबाव कम होने की उम्मीद है, जहां वर्तमान क्षमता की तुलना में बंदियों की संख्या अधिक है।
इससे पहले जून में योगी आदित्यनाथ सरकार ने कानपुर नगर, मुरादाबाद, ललितपुर, औरैया और भदोही में पांच नई जेलों के निर्माण को मंजूरी दी थी। इन पांच परियोजनाओं से 3,031 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता बढ़ने का अनुमान लगाया गया था। अगस्त में इन परियोजनाओं के लिए 514 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
नई परियोजनाओं के साथ प्रदेश में पहले से चल रहे जेल निर्माण कार्यों को भी गति दी जा रही है। अमेठी और महोबा की नई जिला जेलों का निर्माण अंतिम चरण में बताया गया है, जबकि हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में भी नई जेलों का निर्माण जारी है।
जेल क्षमता बढ़ाने का उद्देश्य बंदियों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराना और जेल प्रशासन पर बढ़ते दबाव को कम करना है। नई जेलों के निर्माण से सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुधारात्मक गतिविधियों के संचालन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।





















