बहराइच। जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सुजौली रेंज अंतर्गत गरेडियनपुरवा गांव में गुरुवार देर शाम तेंदुए के हमले में 32 वर्षीय ममता पत्नी राजेंद्र चौहान की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। महिला की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए के आतंक से निजात दिलाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए।
महिला की मौत के बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी पहले भी वन विभाग को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। परिजन पूरी रात अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस और ग्रामीणों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन देर रात तक कोई सहमति नहीं बन सकी।
शुक्रवार सुबह ग्राम प्रधान सुजौली राजेश गुप्ता, रामखेलावन पाल, उग्रसेन सिंह और अन्य ग्रामीणों ने थाना प्रभारी सुजौली राम गोविंद वर्मा के साथ मिलकर परिजनों को समझाया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद परिवार पोस्टमार्टम के लिए राजी हुआ। इसके बाद महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेंदुए के बढ़ते हमलों को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की।
वहीं, सुजौली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नीरज श्रीवास्तव थाना परिसर पहुंचे और पीड़ित परिवार को तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए शुक्रवार शाम तक पिंजड़ा लगाया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा के अन्य जरूरी उपाय किए जाने की बात कही। अब ग्रामीणों को वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।





















