श्रद्धालु और स्थानीय लोग परेशान; शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
लखनऊ। राजधानी के नरही इलाके में पुरानी सब्जी मंडी के पास बालेश्वर मंदिर परिसर में लगी पानी की टंकी से कई दिनों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत सामने आई है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी इसी पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की स्थिति ऐसी है कि इसे पीना तो दूर, सामान्य घरेलू इस्तेमाल में भी परेशानी हो रही है।
मंदिर परिसर की टंकी में सफाई का अभाव
स्थानीय निवासियों और मंदिर से जुड़े लोगों के मुताबिक, पानी की टंकी की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि इसी वजह से टंकी से आने वाले पानी में दुर्गंध के साथ गंदगी भी दिखाई दे रही है। मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में दूषित पानी की समस्या को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें उपलब्ध पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है। आसपास के लोगों के सामने भी यही समस्या बनी हुई है।
कई बार शिकायत, फिर भी समाधान नहीं
स्थानीय लोगों और मंदिर के महंत का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर नगर निगम और जलकल विभाग के संबंधित अधिकारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक टंकी की सफाई और पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में दूषित पानी से संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है। पानी की गुणवत्ता की जांच कराए बिना इसे पीने योग्य मानना भी उचित नहीं होगा।
बीमारी फैलने की आशंका से लोगों में चिंता
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि दूषित पानी की समस्या जल्द दूर नहीं की गई तो पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने नगर निगम और जलकल विभाग से टंकी की तत्काल सफाई कराने, पाइपलाइन की जांच कराने और पानी का सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, समस्या का स्थायी समाधान तभी होगा जब टंकी की सफाई के साथ पानी की आपूर्ति व्यवस्था की भी जांच की जाए। लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य को देखते हुए मामले में जल्द कार्रवाई जरूरी है।
फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इस शिकायत पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभाग की जांच और पानी के नमूने की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पानी दूषित होने का वास्तविक कारण क्या है और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कितना है।





















