50 हजार की फिरौती मांगी; लखनऊ से वाराणसी ले गए, पुलिस ने सकुशल बरामद किया
लखनऊ। पारा इलाके में आगरा एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर ट्रैक्टर और फॉर्च्यूनर कार की मामूली टक्कर के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि कार सवार दो युवकों पर ट्रैक्टर चालक के अपहरण और मारपीट का आरोप है। आरोप है कि दोनों युवक चालक को जबरन फॉर्च्यूनर में बैठाकर वाराणसी की ओर ले गए और उसे छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।
पीड़ित की शिकायत और कार की पहचान के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
देर रात ट्रैक्टर से टकराई फॉर्च्यूनर
सुल्तानपुर निवासी 26 वर्षीय शुभम सिंह गोमतीनगर के जुगौली इलाके में अपने दो भाइयों के साथ रहते हैं। वह नगर निगम में संविदा पर ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करते हैं।
बुधवार रात शुभम काकोरी के दोना गांव स्थित वरुण विहार योजना के मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पोर्टेबल टॉयलेट लगाने के बाद ट्रैक्टर लेकर वापस लौट रहे थे। रात करीब 12:10 बजे आगरा एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट के पास ट्रैक्टर की फॉर्च्यूनर से मामूली टक्कर हो गई।
आरोप है कि टक्कर के बाद फॉर्च्यूनर सवार दोनों युवकों ने शुभम को रोक लिया। दोनों ने नुकसान की भरपाई की मांग करते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
जबरन कार में बैठाकर ले गए
पीड़ित के मुताबिक, मारपीट के बाद दोनों युवकों ने उसे जबरन फॉर्च्यूनर में बैठा लिया और वहां से निकल गए। आरोप है कि रास्ते में भी उसके साथ मारपीट की गई और उसे खाना-पानी तक नहीं दिया गया।
इस बीच शुभम के साथ लौट रहे लोगों ने उसके मोबाइल पर फोन किया। आरोप है कि फोन आरोपियों ने उठाया और शुभम को छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। इसके बाद परिजन और साथी पुलिस के पास पहुंचे।
ढाबा कर्मियों ने खींची कार की तस्वीर
पुलिस के लिए इस मामले में फॉर्च्यूनर की तस्वीर अहम सुराग बनी। बताया गया कि जीरो प्वाइंट के पास एक ढाबे के बाहर से जब शुभम को कार में बैठाकर ले जाया जा रहा था, तब शोर सुनकर वहां मौजूद कर्मचारियों ने फॉर्च्यूनर की पीछे से तस्वीर खींच ली थी।
तस्वीर में कार का नंबर दिखाई देने के बाद पुलिस ने वाहन की पहचान कर उसके मालिक से संपर्क किया। कार मालिक ने पुलिस को बताया कि वाहन उसका है, लेकिन उसे चालक लेकर गया था।
वाराणसी पहुंचने के बाद बदली योजना
पुलिस के अनुसार, फॉर्च्यूनर वाराणसी पहुंच गई थी। कार मालिक को जब घटना की जानकारी हुई तो उसने चालक से पीड़ित युवक को सुरक्षित लखनऊ वापस छोड़ने के लिए कहा।
इसके बाद आरोपी शुभम को बस से लखनऊ लेकर लौट रहे थे। पुलिस ने रास्ते में दोनों को पकड़ लिया और शुभम को सकुशल बरामद कर पारा थाने ले आई।
दो आरोपी हिरासत में
इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान चंदौली निवासी पीयूष दुबे और मिर्जापुर निवासी नित्यानंद सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों मैनपुरी से फॉर्च्यूनर लेकर वाराणसी जा रहे थे।
पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। मामले में अपहरण, मारपीट और रुपये की मांग किए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




















