घर-पुल बहे, हाईवे प्रभावित; हिमस्खलन में 10 लापता, पिछले महीने की बाढ़ में 1,451 मौतें
काठमांडू। नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से हालात फिर बिगड़ गए हैं। देश के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बुटवल में बाढ़ के पानी ने छह घरों को बहा दिया, जबकि करीब 1,000 लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकाला गया है। कई जगह भूस्खलन के कारण सड़क और हाईवे पर आवाजाही बाधित हुई है।
बागलुंग जिले में भूस्खलन से एक घर दब गया, जिसमें एक महिला और उसके तीन बच्चों की मौत हो गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में मौजूदा बारिश और भूस्खलन के बीच कम से कम चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
बुटवल में छह घर बहे, 1,000 लोग सुरक्षित निकाले गए
रुपन्देही जिले के बुटवल में तिनाउ नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में पानी भर गया। शनिवार रात बाढ़ का पानी छह घरों को बहा ले गया। नदी किनारे करीब 200 अन्य घरों पर भी खतरा बताया गया है।
सुरक्षा बलों ने रातभर अभियान चलाकर करीब 1,000 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। लगातार बारिश के कारण तिनाउ नदी और आसपास के छोटे जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है।
नारायणी नदी खतरे के निशान से ऊपर
लगातार बारिश के कारण नारायणी समेत नेपाल की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। चितवन क्षेत्र में नारायणी नदी के आसपास निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है।
नेपाल में अधिकारियों ने कई जिलों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। रॉयटर्स के मुताबिक, देश के 49 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी गई है और कई प्रमुख नदियों एवं सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
कई जगह सड़क और हाईवे प्रभावित
बाढ़ और भूस्खलन से कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा सड़कों पर आने के कारण यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। पाल्पा में दो अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन से घर क्षतिग्रस्त हुए। एक घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि तीन लोग लापता बताए गए हैं।
हिमलुंग हिमाल में हिमस्खलन, 10 लापता
नेपाल के मनांग जिले के नार-फू क्षेत्र में 7,126 मीटर ऊंचे हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन हुआ है। इसके बाद पर्वतारोहियों के लिए बेस कैंप तैयार करने वाले 10 नेपाली कर्मचारियों का पता नहीं चल रहा है।
नेपाल के Expedition Operators Association के महासचिव ऋषि भंडारी ने घटना की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक, लापता लोगों में दो लोग Imagine Nepal से और आठ लोग Himalayan Holidays Nepal से जुड़े हैं। पर्यटन विभाग के महानिदेशक रामकृष्ण लामिछाने ने बताया कि अधिकारी घटना की जानकारी जुटा रहे हैं और लापता लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
पिछले महीने की बाढ़ में 1,451 मौतें, 5,786 लोग लापता
26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल के कई जिलों में भारी तबाही मचाई थी। नेपाल सरकार के 20 सितंबर के आधिकारिक अपडेट के अनुसार, इस आपदा में 1,451 लोगों की मौत हुई थी और 5,786 लोग लापता थे। बचाव अभियान में 13,784 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका था।
इससे पहले 17 सितंबर के सरकारी आंकड़ों में 1,410 मौतें और 6,145 लापता लोगों का आंकड़ा दर्ज था। खोज एवं पहचान की प्रक्रिया के दौरान आंकड़ों में लगातार बदलाव हुआ है। सरकारी रिपोर्ट यह भी बताती है कि लापता लोगों की संख्या में कुछ ऐसे लोग शामिल हो सकते हैं जिनकी पहचान बाद में हुई हो या जिनके रिकॉर्ड में दोहराव हो।
हाइड्रोपावर और बिजली व्यवस्था पर भी असर
अगस्त की भोटेकोशी बाढ़ ने नेपाल के सड़क, पुल, बिजली और हाइड्रोपावर ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया था। कई परियोजनाओं और ट्रांसमिशन ढांचे को नुकसान के कारण बिजली उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई थी। नेपाल सरकार के अनुसार राहत और पुनर्बहाली का काम अभी भी जारी है।
लगातार बारिश के कारण अब एक बार फिर देश के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है।





















