फगवाड़ा। पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न को लेकर रविवार तड़के छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं और छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग भी जाम कर दिया। मामले को लेकर पुलिस ने अब अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला के मुताबिक छात्रों की मुख्य मांग थी कि जीएच-3 हॉस्टल से जुड़ी कथित घटना की जांच की जाए। पुलिस ने छात्रों से प्राप्त बयान के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। चूंकि कथित आरोपी की पहचान अभी सामने नहीं आई है, इसलिए एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज की गई है।
पुलिस और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में घटना को लेकर शुरुआती जानकारी में अंतर भी सामने आया है। रविवार सुबह शुरुआती पुलिस बयान में कहा गया था कि परिसर में कथित दुष्कर्म की घटना की कोई पुष्टि पुलिस को नहीं मिली थी और सोशल मीडिया पर चल रही सूचनाओं के बाद छात्र एकत्र हुए थे। बाद में छात्राओं के बयान के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की जानकारी दी। ऐसे में घटना से जुड़े आरोपों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रविवार तड़के करीब दो बजे बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में जमा हुए। इसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया। रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने परिसर में खिड़कियों के शीशे और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया तथा कुछ स्थानों पर आग भी लगाई गई। इसके बाद छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। अधिकारियों के अनुसार जांच में उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित सामग्री को देखा जाएगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस कथित घटना से जुड़े फोन और फोरेंसिक साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है।
छात्रों की ओर से आरोप लगाया गया है कि घटना के संबंध में समय पर कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत में हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था, वार्डन की भूमिका और सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग भी उठाई गई है। इन आरोपों की भी पुलिस जांच के दौरान पुष्टि की जानी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सामने आए पक्ष में कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं को निराधार बताया गया है। दूसरी ओर, पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले को औपचारिक जांच के दायरे में ले लिया है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि सोशल मीडिया पर प्रसारित घटना का पूरा विवरण सही है या नहीं।
मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कथित घटना की वास्तविक स्थिति, संबंधित छात्रा की स्थिति और आरोपी की पहचान से जुड़े तथ्य सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और किसी व्यक्ति को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया है।





















