CM Yogi on Bhagat Singh Jayanti: अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लोगों के नाम ‘योगी की पाती’ लिखकर उनके संघर्ष और बलिदान को याद किया। उन्होंने युवाओं से भगत सिंह के जीवन, विचारों और अध्ययन के प्रति उनकी रुचि से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और समाज के सामने मौजूद चुनौतियों का सामना करने के लिए युवा वर्ग को ज्ञान, अनुशासन और राष्ट्रभावना से जुड़ना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह ने बेहद कम उम्र में देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उनकी जयंती केवल उन्हें याद करने का दिन नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और संकल्प को अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता पर जोर
‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने समाज में मौजूद जातिगत भेदभाव, नशे की समस्या और दूसरी कुरीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं से इन बुराइयों के खिलाफ जागरूक होकर आगे आने की अपील की। उनका कहना था कि भगत सिंह का साहस और देश के प्रति समर्पण आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भगत सिंह की पढ़ने की आदत से सीखने की सलाह
योगी आदित्यनाथ ने भगत सिंह के अध्ययनशील व्यक्तित्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भगत सिंह को हिंदी, उर्दू, पंजाबी और अंग्रेजी समेत कई भाषाओं का ज्ञान था और पढ़ने-समझने में उनकी गहरी रुचि थी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से सीखने की आदत बनाए रखने और ज्ञान को जीवन की ताकत बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल लक्ष्य तय करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे हासिल करने के लिए निरंतर अध्ययन और मेहनत को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।
युवाओं के लिए सरकारी योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में युवाओं के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर कारोबार और स्टार्टअप तक, सरकार युवाओं को आगे बढ़ने के लिए अलग-अलग स्तर पर सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क मार्गदर्शन दिया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने और दूसरे लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में मदद दी जा रही है। स्टार्टअप नीति के माध्यम से नए विचारों और नवाचार को बढ़ावा देने की बात भी उन्होंने कही।
हर जिले में पुस्तकालय की सुविधा विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रदेश में उपलब्ध शैक्षणिक और ज्ञान संबंधी संसाधनों का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में किताबों और डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच युवाओं की पढ़ाई और ज्ञानवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
‘किताबों को दोस्त बनाएं युवा’
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नियमित रूप से किताबें पढ़ने और अपनी जिज्ञासा को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने, नए विचारों को समझने और अलग-अलग विषयों के बारे में जानने की आदत व्यक्ति के सोचने का नजरिया बदल सकती है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि एक किताब किसी व्यक्ति के भीतर नई सोच पैदा कर सकती है और वही विचार आगे चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकता है।





















