अयोध्या। रामनगरी में दीपोत्सव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन को लेकर प्रशासन और डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की टीम ने राम की पैड़ी, विस्तारित राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और अन्य इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को चिह्नित कर संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को समय सीमा के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण दल में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिलाधिकारी (नगर) और दीपोत्सव 2026 के नोडल अधिकारी प्रो. एसएस मिश्र शामिल रहे। अधिकारियों ने आयोजन स्थलों पर तैयारियों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि दीपोत्सव से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच समन्वय पर जोर दिया गया।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के 55 प्रमुख घाटों पर दीप सजाए जाएंगे। नोडल अधिकारी प्रो. एसएस मिश्र के अनुसार, इसके लिए विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। स्वयंसेवक तीन नवंबर से घाटों पर निर्धारित स्थानों पर दीये सजाने और आकर्षक दीप पैटर्न तैयार करने का काम शुरू करेंगे। इसके लिए घाटों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
दीपोत्सव का मुख्य आयोजन सात नवंबर को प्रस्तावित है। इस दौरान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। घाटों पर दीपों की सजावट के साथ स्वच्छता, सुरक्षा, रोशनी और स्वयंसेवकों की सुविधाओं से जुड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि तैयारियों में किसी तरह की कमी न रहने दी जाए, ताकि आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।





















