बहराइच। नेपाल, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों और जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इससे कई इलाकों में जलभराव और फसलों को नुकसान पहुंचने की स्थिति बनी हुई है। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता और अन्य अधिकारियों के साथ कैसरगंज तहसील के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान डीएम ने खेतों में पहुंचकर धान, गन्ना और केले की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत की।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी संजय सेतु पहुंचे और घाघरा नदी के जलस्तर की स्थिति देखी। अधिकारियों ने बताया कि एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 मीटर के मुकाबले 106.14 मीटर दर्ज किया गया है। डीएम ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि सभी उप जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से पानी में नहीं जाने और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की अपील की।
फसलों को हुए नुकसान को लेकर जिलाधिकारी ने एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारियों को राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और वास्तविक रूप से प्रभावित किसानों का विवरण तैयार किया जाए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र किसानों को अनुदान और क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि दैवी आपदा से प्रभावित लोगों को समय पर मदद पहुंचाना शासन और प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े किसानों को फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर संबंधित बीमा कंपनी, बैंक या कृषि विभाग को देने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर भी सूचना दे सकते हैं। इसके लिए आधार संख्या, केसीसी नंबर, फसल बीमा पॉलिसी नंबर, फसल का नाम, क्षेत्रफल और नुकसान का विवरण अपने पास रखने की सलाह दी गई। आपात स्थिति में ग्रामीण तहसील प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर 230132 और टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर सकते हैं।





















