श्रावस्ती। जिले में राप्ती नदी का जलस्तर घटने के बावजूद तटीय इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। सोमवार सुबह 10 बजे राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.60 मीटर ऊपर दर्ज किया गया। नदी के आसपास के इलाकों में पानी भरा होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इकौना और जमुनहा तहसील के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का पानी लोगों के लिए आफत बना हुआ है। कई गांवों में जलभराव के कारण जनजीवन प्रभावित है। पानी भरने से लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
रिहार पुरवा-सिसवारा मार्ग पर करीब एक किलोमीटर तक कमरभर पानी भरा हुआ है। इसके चलते सिसवारा समेत आसपास के कई गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को रास्ते से गुजरने में परेशानी हो रही है। वहीं, कई स्थानों पर दीवारें गिरने की भी सूचना मिली है।
बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। नदी का जलस्तर घटने के बाद भी तटीय इलाकों में पानी भरा होने से लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। प्रभावित गांवों में हालात पर नजर रखी जा रही है।





















