उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट चर्चा में है। पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करते हुए कहा गया है कि सत्ता में कौन आएगा और कौन जाएगा, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि बेटियां सुरक्षित स्कूल जाएं और घर लौटें। पोस्ट में लोगों से अपील की गई है कि वे राजनीतिक और जातिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर महिलाओं की सुरक्षा और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर विचार करें।
पोस्ट में वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए महिलाओं के खिलाफ अपराध और माफिया के कथित आतंक को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इसमें प्रयागराज के माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का नाम लेते हुए आरोप लगाया गया है कि उस दौर में आम लोगों को डर के माहौल में जीना पड़ता था। पोस्ट में दावा किया गया है कि कई परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे और अपराधियों के प्रभाव के कारण लोगों को न्याय मिलने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
सोशल मीडिया पोस्ट में अतीक अहमद, अशरफ, आजम खान और मुख्तार अंसारी का जिक्र करते हुए कहा गया है कि प्रदेश में अलग-अलग जातियों के प्रभावशाली और बाहुबली नेता रहे हैं, लेकिन आम लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा होना चाहिए। पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था में बदलाव आने का दावा करते हुए लोगों से इस व्यवस्था को बनाए रखने की अपील की गई है।
पोस्ट के अंत में एक बार फिर बेटियों की सुरक्षा को सबसे अहम बताते हुए कहा गया है कि राजनीतिक बदलाव से ज्यादा जरूरी यह सुनिश्चित करना है कि बच्चियां सुरक्षित स्कूल जाएं और घर लौटें। पोस्ट का समापन ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष के साथ किया गया है। हालांकि, पोस्ट के लेखक और इसे साझा किए जाने के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।





















