बोलीं- कांग्रेस शासन में भाजपा भी करती थी विरोध
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता के मन में यह शंका नहीं रहनी चाहिए कि उसका वोट किसी दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में चला गया या किसी अन्य के खाते में दर्ज हो गया।
मायावती ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बैलेट पेपर से मतदान की पुरानी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में शुरुआती चुनावों के बाद लंबे समय तक इसी माध्यम से मतदान हुआ। बाद में चुनाव आयोग ने EVM का इस्तेमाल शुरू किया।
मायावती बोलीं- कांग्रेस के शासनकाल में भाजपा भी करती थी विरोध
बसपा प्रमुख ने दावा किया कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा ने भी EVM के इस्तेमाल का विरोध किया था और चुनाव में गड़बड़ी की आशंकाएं जताई थीं। मायावती ने सवाल उठाया कि केंद्र में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने EVM व्यवस्था को समाप्त करने के बजाय इसे जारी क्यों रखा।
मायावती ने कहा कि बसपा ने भी शुरुआत से EVM से मतदान का विरोध किया है। उनका कहना है कि समाज के कमजोर और कम पढ़े-लिखे वर्गों के बीच EVM को लेकर आशंकाएं हैं और चुनाव प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे किसी भी मतदाता के मन में संदेह न रहे।
नगीना में चंद्रशेखर की जीत पर भी उठाए सवाल
मायावती ने नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की 2024 लोकसभा चुनाव में जीत का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगीना में चंद्रशेखर आजाद को भाजपा ने EVM में गड़बड़ी के जरिए चुनाव जिताया, ताकि बसपा को नुकसान पहुंचाया जा सके।
यह मायावती का राजनीतिक आरोप है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। 2024 के लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर आजाद नगीना सीट से विजयी हुए थे।
चंद्रशेखर पर भी मायावती का हमला
मायावती ने चंद्रशेखर आजाद की राजनीति की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों से जुड़े मामलों में अधिकारियों से बातचीत करने के बजाय चंद्रशेखर धरना-प्रदर्शन की राजनीति करते हैं। मायावती ने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों में युवाओं पर मुकदमे दर्ज हो सकते हैं और इससे उनके भविष्य में सरकारी नौकरी हासिल करने में परेशानी हो सकती है।
चंद्रशेखर आजाद हाल के दिनों में भी चुनाव आयोग और EVM को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने की मांग की है।
EVM को लेकर यूपी में बढ़ी सियासी बहस
उत्तर प्रदेश में EVM और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि चुनाव आयोग और EVM को दोष देना उचित नहीं है।
ऐसे में मायावती के ताजा बयान से यूपी की चुनावी राजनीति में EVM का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और EVM को लेकर विभिन्न दलों के बयान आने की संभावना बनी हुई है।





















