खत्म होते ही तेल के दाम गिरेंगे; मिडटर्म चुनाव से पहले हमले की संभावना से भी इनकार नहीं
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध को जल्द खत्म करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह युद्ध “बहुत जल्द” जीत जाएगा और संघर्ष समाप्त होते ही वैश्विक तेल कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इस पूरे अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
ट्रंप ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई और आर्थिक दबाव, दोनों के जरिए बढ़त बनाए हुए है। उनके मुताबिक, सैन्य मोर्चे पर अमेरिका पहले ही जीत हासिल कर चुका है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सैन्य कार्रवाई पूरी तरह बंद हो गई है।
मिडटर्म चुनाव से पहले फिर हमला होगा?
अमेरिकी राष्ट्रपति से जब पूछा गया कि क्या नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर दोबारा सैन्य हमले हो सकते हैं, तो उन्होंने इसकी संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया। ट्रंप ने कहा कि यह संभव है, लेकिन वह इस बारे में अभी कुछ और नहीं कहना चाहते।
वहीं, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि ट्रंप ने सहयोगियों के साथ मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर दोबारा बमबारी शुरू करने की संभावना पर चर्चा की है। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार, संभावित हमले का स्वरूप और दायरा अभी स्पष्ट नहीं है और ट्रंप की स्थिति आगे बदल भी सकती है।
ट्रंप का दावा- ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के साथ आर्थिक प्रतिबंधों का भी ईरान पर असर पड़ा है। उन्होंने ईरानी मुद्रा की गिरती कीमत और महंगाई का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां महंगाई करीब 300 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा ट्रंप के बयान पर आधारित है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
ट्रंप ने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद तेल की कीमतें “बहुत नीचे” आ सकती हैं और वे युद्ध शुरू होने से पहले के स्तरों के करीब लौट सकती हैं। हालांकि, तेल बाजार में कीमतें संघर्ष, आपूर्ति, होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही और वैश्विक मांग जैसे कई कारकों से प्रभावित होती हैं। हालिया रिपोर्टों में भी ईरान संकट के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता दर्ज की गई है।
ईरान ने कहा- नए हमले का मजबूती से सामना करेंगे
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उनका देश दोबारा युद्ध शुरू होने की स्थिति के लिए तैयार है। NBC के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी नए हमले का सामना करेगा, भले ही संघर्ष बेहद गंभीर रूप ले ले। साथ ही उन्होंने बातचीत और कूटनीति का रास्ता खुला रखने की बात भी कही।
अराघची के मुताबिक, ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा और शांति की किसी भी संभावना को गंवाना नहीं चाहता। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देता है।
ईरान ने दिया था सात दिन में होर्मुज खोलने का प्रस्ताव
ईरान की ओर से अमेरिका के सामने सात दिन की एक योजना रखे जाने की बात सामने आई है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ाने का प्रस्ताव था। बदले में ईरान ने अपने फ्रीज किए गए धन और संपत्तियों को जारी करने तथा तेल बेचने की अनुमति जैसी मांगें रखी थीं।
अमेरिकी पक्ष ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। अमेरिकी संयुक्त राष्ट्र राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि ईरान बातचीत शुरू होने से पहले कई रियायतें चाहता था।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ता है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष के दौरान यहां वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही युद्ध-पूर्व स्तर की तुलना में करीब 75 प्रतिशत कम रही।
युद्ध खत्म करने को लेकर अभी भी असमंजस
एक तरफ ट्रंप जल्द युद्ध खत्म होने और तेल कीमतों में गिरावट की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके प्रशासन से जुड़े बयानों और मीडिया रिपोर्टों में सैन्य कार्रवाई फिर शुरू होने की संभावना भी सामने आ रही है। ईरान भी एक ओर बातचीत की बात कर रहा है और दूसरी ओर संभावित नए हमलों के लिए तैयार रहने का दावा कर रहा है।
ऐसे में अमेरिका-ईरान संघर्ष का अगला चरण कूटनीतिक बातचीत, होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और दोनों देशों की सैन्य रणनीति पर निर्भर करेगा। फिलहाल दोनों पक्षों के सार्वजनिक बयानों से यह स्पष्ट है कि बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन सैन्य टकराव का जोखिम भी बना हुआ है।




















