श्रावस्ती। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में मंगलवार, 29 सितंबर को जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति और विद्यालय यान की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा करते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में चिह्नित ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण कर वहां दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाया जाए और सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा संकेतक, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और रंबल स्ट्रिप लगाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सड़क के मोड़ों, डिवाइडर और किनारे लगे पेड़ों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाया जाए, ताकि वाहन चालकों को समय रहते रास्ते का अंदाजा हो सके।
डीएम ने दुर्घटना की स्थिति में घायलों को जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद पहला एक घंटा यानी गोल्डन आवर बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में एंबुलेंस की उपलब्धता और रिस्पॉन्स टाइम पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि घायलों को समय पर उचित इलाज मिल सके।
विद्यालय यान की बैठक में जिलाधिकारी ने ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत स्कूली वाहनों और चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनफिट वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित विद्यालयों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्कूली वाहनों में जीपीएस और कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने, बालिका विद्यालयों के वाहनों में महिला शिक्षक की तैनाती, चालकों के लाइसेंस और चरित्र सत्यापन तथा वाहनों के दस्तावेजों की जांच के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एआरटीओ मो. अजीम, पुलिस क्षेत्राधिकारी, नगर पालिका परिषद भिनगा की अधिशासी अधिकारी डॉ. अनीता शुक्ला समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





















