अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर नाका हनुमानगढ़ी क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। हाल में हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में नाराजगी है। इसी बीच भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और सपा के पूर्व विधायक तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ ने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण अभियान चलाए जाने की पुष्टि विभिन्न रिपोर्टों में हुई है।
प्रभावित परिवारों की ओर से पूर्व भाजपा सभासद मुरारी यादव ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें पहले यह बताया गया था कि उनके मकान का करीब दो फीट हिस्सा ही नजूल की जमीन में आ रहा है और उसे खाली कर दिया गया था। आरोप है कि इसके बाद रात में पूरे मकान को गिरा दिया गया। प्रभावितों का यह भी दावा है कि चौड़ीकरण की कार्रवाई सड़क के दोनों ओर समान रूप से किए जाने के बजाय एक तरफ अधिक की गई। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी।
इस मामले को लेकर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता पहले ही जिलाधिकारी से मुलाकात कर चुके हैं। कार्रवाई के मानकों को लेकर मिली शिकायतों की जांच के लिए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। विधायक ने प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही है। अयोध्या प्रशासन की ओर से 14 कोसी मार्ग के विस्तारीकरण का काम पहले से ही प्रक्रिया में है और भूमि अधिग्रहण व सामाजिक प्रभाव आकलन से जुड़े सरकारी कदम भी दर्ज हैं।
उधर, सपा के पूर्व विधायक पवन पांडेय ने भी मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना। एक ओर प्रशासन परिक्रमा मार्ग का काम आगे बढ़ाने में जुटा है, वहीं प्रभावित लोग पुनर्वास, उचित मुआवजे और कार्रवाई की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट और प्रशासन के साथ होने वाली बातचीत पर सभी की नजर है।





















