अयोध्या। स्वर्गीय अशोक सिंघल की 100वीं जयंती के अवसर पर अशोक सिंघल फाउंडेशन की ओर से आयोजित निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और जरूरत के उपकरण वितरित किए गए। पहले दिन कुल 31 लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मिले, जबकि 48 लोगों को चश्मे वितरित किए गए। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने इसे जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास जगाने वाला सेवा कार्य बताया।
शिविर के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने अशोक सिंघल के योगदान को याद करते हुए कहा कि अयोध्या की गलियां और यहां का जनजीवन उनके संघर्ष और पुरुषार्थ के साक्षी हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर हिंदू समाज के पुनर्जागरण का प्रतीक है, लेकिन अशोक सिंघल की स्मृतियों को संजोने के लिए अयोध्या में अन्य ठोस कार्य भी किए जाने चाहिए। इसके लिए संतों और विद्वानों से विचार-विमर्श कर आगे कदम बढ़ाने की बात कही।
कार्यक्रम में कंचन भवन के महंत विजय दास जी महाराज और श्रीराम वल्लभाकुंज के महंत राजकुमार दास जी महाराज ने सेवा भाव को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया। वक्ताओं ने कहा कि जरूरतमंदों की मदद और दिव्यांगजनों के जीवन को सहज बनाना ही अशोक सिंघल के विचारों को आगे बढ़ाने का एक माध्यम है। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह ‘पंकज’ ने कार्यक्रम का परिचय दिया। समारोह का संचालन श्रीराम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्रदेव मिश्र ने किया।
शिविर के पहले दिन 12 लोगों को कृत्रिम पैर, 12 को कैलिपर, चार को हाथ और तीन लोगों को बैसाखियां दी गईं। वहीं, नेत्र परीक्षण कराने वाले 55 लोगों में से 48 को चश्मे वितरित किए गए। कार्यक्रम में संघचालक डॉ. विक्रमा प्रसाद पांडेय, आलोक सिंह रोहित, शिवदास सिंह, उमेश पोरवाल, वीरेंद्र और मयंक सहित कई लोग मौजूद रहे। बाद में पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और अमल गुप्ता ने शिविर का निरीक्षण किया।





















