अयोध्या। “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ…” के जयकारों से शुक्रवार को अयोध्या का वातावरण भक्तिमय हो उठा। खराब मौसम और बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। ढोल-नगाड़ों की थाप पर महिलाएं और बच्चियां झूमती नजर आईं तो कई श्रद्धालु हाथों में आरती की थाली लिए बप्पा की विदाई से पहले उनकी आरती उतारते दिखाई दिए। नम आंखों के साथ श्रद्धालुओं ने गणपति महाराज को अगले बरस फिर आने का न्योता देते हुए विदाई दी।
स्थानीय जमुनिया बाग तिराहे पर केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति जनपद-अयोध्या के कैंप के सामने विभिन्न गणेश पूजा समितियों के सजे हुए रथों की कतार लगी रही। यहां से गणेश प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा शुरू हुई। शोभायात्रा को महापौर गिरीश पति त्रिपाठी और नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। केंद्रीय समिति के जिला अध्यक्ष मनोज जायसवाल, जिला सह मीडिया प्रभारी जय प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमुख संरक्षक विजय गुप्ता और संयोजक गगन जायसवाल ने शोभायात्रा का नेतृत्व किया। सबसे आगे श्री श्री महाराजाधिराज गणेश पूजा समिति-नानक पुरा की प्रतिमा रही।
जमुनिया बाग से शुरू हुई शोभायात्रा चौक और रिकाबगंज होते हुए विसर्जन स्थल की ओर बढ़ी। रास्ते भर श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते-गाते और नाचते हुए आगे बढ़ते रहे। केंद्रीय समिति के प्रवक्ता केशव बिगुलर ने बताया कि दोपहर तीन बजे से गणेश प्रतिमाएं जमुनिया बाग तिराहे पर एकत्र होने लगी थीं। शोभायात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग भी मौजूद रहे। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की भीड़ और उत्साह देखते ही बन रहा था।
शोभायात्रा को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और विसर्जन कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता अलग-अलग स्थानों पर मुस्तैद रहे। जमुनिया बाग से लेकर चौक, रिकाबगंज और गुप्तारघाट तक कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाएं संभालीं। गुप्तारघाट पर भी विसर्जन कार्य को गति देने के लिए समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आखिर में जब बप्पा की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए आगे बढ़ीं तो श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं, लेकिन दिल में एक ही विश्वास था—“गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।”





















