बदायूं। जिले में बुधवार को सड़क हादसे, निर्माणाधीन मकान में दुर्घटना और भूमि विवाद से जुड़ी घटनाएं चर्चा में रहीं। अलग-अलग क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं ने एक ओर जहां सुरक्षा और सतर्कता की जरूरत को रेखांकित किया, वहीं प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
करुआ पुल के पास भीषण सड़क हादसा, एक की मौत
उझानी थाना क्षेत्र में बरेली-मथुरा मार्ग स्थित करुआ पुल के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बाइकें तेज गति से आ रही थीं और पुल के निकट पहुंचते ही उनमें जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य घायलों का उपचार जारी है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
उघैती में मकान का लिंटर गिरा, पिता समेत दो बच्चे मलबे में दबे
थाना उघैती क्षेत्र के गांव शाहनगर पटपरागंज में एक मकान का लिंटर अचानक गिर जाने से घर के अंदर मौजूद पिता और उसके दो बच्चे मलबे में दब गए। घटना के समय वीरेशपाल अपने पांच वर्षीय पुत्र दुष्यंत और तीन वर्षीय पुत्र वरुण के साथ घर के अंदर थे।
हादसे के बाद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस की मदद से घायलों को सीएचसी सहसवान भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों बच्चों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि वीरेशपाल की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया।
पैतृक जमीन पर कब्जे का आरोप, कार्रवाई न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी
वहीं उसांवा थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर मजरा वीरमपुर भदेली निवासी मुरारी लाल ने अपनी पैतृक जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। उनका कहना है कि गांव के कुछ लोगों ने कथित रूप से उनकी जमीन का सौदा कर उस पर कब्जे की कोशिश की है।
पीड़ित के अनुसार उन्होंने इस मामले में थाना पुलिस को दो बार लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अवैध कब्जा हटवाने और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह परिवार सहित भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
एक दिन, तीन घटनाएं और कई सवाल
बुधवार की इन घटनाओं ने जिले में सड़क सुरक्षा, भवन निर्माण की गुणवत्ता और भूमि विवादों के समाधान जैसे मुद्दों को फिर सामने ला दिया है। कहीं तेज रफ्तार जानलेवा साबित हुई तो कहीं जर्जर निर्माण ने परिवार को खतरे में डाल दिया। वहीं भूमि विवाद का मामला प्रशासनिक संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित करता है।







