Bahraich Leopard Attack: जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के महबूब नगर गांव में ग्रामीण की जान लेने वाला आदमखोर तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजड़े में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद वन विभाग ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नर तेंदुए की उम्र करीब 10 साल बताई जा रही है।
सोते समय ग्रामीण को घर से उठा ले गया था तेंदुआ
जानकारी के मुताबिक, महबूब नगर गांव निवासी राम सिंह को तेंदुआ बीती रात उस समय घर से उठा ले गया था, जब वह सो रहे थे। घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में तेंदुए ने ग्रामीण पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। बाद में वह राम सिंह के क्षत-विक्षत शव को वहीं छोड़कर जंगल की ओर भाग गया था। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया था।
उसी जगह लगाया गया था पिंजड़ा
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर निगरानी बढ़ाई और उसी स्थान के आसपास पिंजड़ा लगाया गया, जहां ग्रामीण का शव मिला था। टीम को उम्मीद थी कि शिकार की तलाश में तेंदुआ दोबारा उसी इलाके में लौट सकता है। वन विभाग की रणनीति काम आई और तेंदुआ एक बार फिर उसी स्थान के आसपास पहुंच गया। इसी दौरान वह विभाग की ओर से लगाए गए पिंजड़े में फंस गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों में था दहशत का माहौल
ग्रामीण की मौत के बाद से महबूब नगर और आसपास के इलाकों में लोगों में डर बना हुआ था। लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे थे। वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही थी। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। वन विभाग अब पकड़े गए नर तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
रिपोर्ट: रोहित श्रीवास्तव






















