रामसनेहीघाट, बाराबंकी। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को डाक बंगला परिसर में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया और शहीदों को नमन किया।
सूर्यास्त से पहले कल्याणी नदी की जलधारा में सैकड़ों दीप प्रवाहित किए गए। नदी में टिमटिमाते दीपों और तिरंगे की रोशनी के बीच ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति से भर उठा। इस दौरान लोगों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन और शहीदों के संघर्ष से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। वरिष्ठ आरएस कार्यकर्ता गंगा बक्स सिंह ने कहा कि शहीदों के बलिदान की वजह से देशवासी आज आजादी की सांस ले रहे हैं और उनकी कुर्बानी को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। शिक्षक केके शुक्ला ने स्कूलों में शहीदों की गाथाएं पढ़ाने की बात कही। भाजपा नेता प्रमोद तिवारी ने शहीद परिवारों के सम्मान और उत्थान के लिए समाज और सरकार को मिलकर काम करने की जरूरत बताई।
कार्यक्रम में संजय सिंह, रामकुमार श्रीवास्तव, भोलानाथ मिश्र, व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सलूजा समेत कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। सभी ने शहीदों के सम्मान में एकजुट होकर उनके बलिदान को याद किया। कार्यक्रम का संचालन ओज कवि दुष्यंत शुक्ला सिंहनादी ने किया, जबकि आयोजक एवं राष्ट्र सेवा संकल्प के अध्यक्ष इंद्र प्रताप सिंह ने उपस्थित लोगों का आभार जताया।






















