जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव के नेतृत्व में डीएम को सौंपा ज्ञापन, बोले— परियोजना से भूमिहीन और बेघर हो जाएंगे सैकड़ों परिवार
चंदौली। प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज हो गया है। जिले के दर्जनों गांवों के किसानों ने जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी चन्द्रमोहन गर्ग से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। किसानों ने उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित किए जाने का विरोध करते हुए परियोजना पर पुनर्विचार की मांग की।
जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने कहा कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से सैकड़ों किसान पूरी तरह भूमिहीन हो जाएंगे, जबकि हजारों ग्रामीणों के आशियाने पर भी संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना था कि यह परियोजना किसानों और गरीब ग्रामीणों के हितों के विपरीत है।
किसानों के अनुसार, इस परियोजना से दाउदपुर, विजयपुर, नारायनपुर, मंगरही, बुझरत की मड़ई, फत्तेपुर कला, प्रतापपुर, भदलपुरा, हथियानी, रामगढ़, मसौनी और पड़या समेत कई गांव प्रभावित होंगे।
ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर छोटे किसानों और गरीब ग्रामीणों को विस्थापित किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि किसानों की आजीविका और आवास को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को निरस्त किया जाए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान श्यामदेव दुसाध, सुरेन्द्र, मुकेश यादव, सदानन्द, कुंदन सिंह, मुन्ना सिंह, मनोज विश्वकर्मा, छन्नू, महेंद्र, राधेश्याम, कमलेश, पंकज, शुभम, महेंद्र, शशिकांत यादव, श्याम नारायण, सुनील मौर्य, सुभाष कन्नौजिया, बीरेंद्र, विनोद और मुरली यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।








