अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मंगलवार को निर्माणाधीन दशरथ पथ एवं बिल्वरीघाट स्थित महाराजा दशरथ समाधि स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
दशरथ पथ के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, संरचना तथा अन्य सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए सभी विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन सर्वोच्च मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
इसके बाद जिलाधिकारी ने बिल्वरीघाट स्थित महाराजा दशरथ समाधि स्थल का निरीक्षण कर वहां चल रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थल की ऐतिहासिक एवं धार्मिक गरिमा के अनुरूप सभी कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं। साथ ही आगंतुकों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ तटबंध तथा मड़ना उपरहार स्थित बाढ़ शरणालय स्थल का निरीक्षण कर राहत एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने तटबंधों की मजबूती और मरम्मत कार्यों का अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों को सभी कार्य शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बाढ़ शरणालय स्थल पर जिलाधिकारी ने पेयजल, विद्युत, शौचालय, साफ-सफाई और आपातकालीन सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली जाएं।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी नगर योगानंद पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी अमित कुमार भट्ट, उप जिलाधिकारी अरविंद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




