छोटी शनि जात का प्रबंधन पालिका को नहीं मिला
एटा/जलेसर। जलेसर नगर की प्रसिद्ध छोटी शनि जात का संचालन और प्रबंधन नगर पालिका परिषद को सौंपने संबंधी शासन का आदेश जारी होने के करीब नौ माह बाद भी अमल में नहीं आ सका है। इसके चलते इस वर्ष भी करोड़ों रुपये के चढ़ावे के प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
नगर के मोहल्ला छत्ता स्थित छोटी शनि जात पर प्रत्येक बुधवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष रूप से आषाढ़ माह में यहां लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं, जिन्हें शासन स्तर तक भी भेजा गया था।
इन्हीं शिकायतों को देखते हुए प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग ने 16 सितंबर 2025 को जिलाधिकारी एटा को पत्र भेजकर छोटी शनि जात का संचालन एवं प्रबंधन नगर पालिका परिषद जलेसर को सौंपने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इससे पहले 16 जुलाई 2025 को कैबिनेट मंत्री डॉ. ए.के. शर्मा के निर्देश पर यह प्रक्रिया शुरू की गई थी।
शासन के पत्र में कहा गया था कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल, मोबाइल शौचालय समेत अन्य व्यवस्थाएं पहले से ही नगर पालिका द्वारा की जाती हैं। ऐसे में राजस्व वृद्धि और बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से धार्मिक स्थल का पूर्ण संचालन नगर पालिका परिषद को सौंपा जाना आवश्यक है।
हालांकि, करीब नौ माह बीतने के बाद भी आदेश का क्रियान्वयन नहीं हो सका है। इससे इस वर्ष भी चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आषाढ़ माह में उमड़ती है लाखों श्रद्धालुओं की भीड़
छोटी शनि जात पर प्रत्येक बुधवार और शनिवार को स्थानीय ही नहीं, बल्कि अन्य जनपदों और राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आषाढ़ माह में श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। कई श्रद्धालु एक-दो दिन पहले ही नगर पहुंच जाते हैं और मध्यरात्रि से पूजा-अर्चना शुरू हो जाती है। ऐसे में आवास, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है।
प्रशासन ने क्या कहा?
उपजिलाधिकारी जलेसर पीयूष रावत ने बताया कि छोटी शनि जात स्थल का प्रबंधन नगर पालिका परिषद को सौंपे जाने के संबंध में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के निर्देश पर स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की गई है। करीब 15 से 20 दिन पहले यह रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
वहीं, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा कोई प्रकरण लंबित है तो उसकी जानकारी लेकर शासन की मंशा के अनुरूप शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।








