11 लोगों पर मुकदमा
अवैध उर्वरक भंडारण और सरकारी यूरिया के दुरुपयोग के मामले में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
एटा। जनपद में अवैध उर्वरक भंडारण एवं कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील जलेसर क्षेत्र में सरकारी यूरिया के कथित दुरुपयोग के मामले में 11 व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर जिला कृषि विभाग द्वारा की गई है। आरोपितों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपजिलाधिकारी जलेसर पीयूष रावत एवं तहसीलदार संदीप सिंह द्वारा की गई संयुक्त जांच के दौरान ग्राम सकरा कानऊ मोड़ स्थित एक फैक्ट्री परिसर में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए सरकारी यूरिया को कथित रूप से अवैध तरीके से टेलीस्कोपिक ग्रेड यूरिया की बोरियों में भरकर बिक्री एवं परिवहन के लिए तैयार किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में यूरिया का भंडार, खाली बोरियां, सिलाई मशीनें तथा पैकिंग में प्रयुक्त अन्य सामग्री बरामद की गई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला कृषि अधिकारी ने थाना जलेसर में संबंधित 11 व्यक्तियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985, उर्वरक (परिसंचरण) आदेश, 1973 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी है। आरोपितों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं, विशेषकर उर्वरकों की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी अथवा सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है। अवैध भंडारण, कालाबाजारी अथवा आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध उर्वरक कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है, जबकि किसानों एवं आम नागरिकों ने प्रशासन की पहल का स्वागत किया है।








