डा.अखंड प्रताप सिंह
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। अभिनेता से राजनेता बने Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को अब सरकार गठन के लिए लगातार समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस, CPI, CPM और VCK के बाद अब Indian Union Muslim League (IUML) ने भी विजय को समर्थन देने का संकेत दिया है। इसके साथ ही TVK को अब कुल पांच दलों का समर्थन मिल चुका है, जिससे राज्य में नई सरकार बनने की संभावना काफी मजबूत हो गई है।
क्या है पूरा राजनीतिक गणित?
तमिलनाडु विधानसभा की कुल 234 सीटों में बहुमत का आंकड़ा 118 है। चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया। हालांकि बहुमत से कुछ सीटें कम होने के कारण विजय को सहयोगी दलों की जरूरत थी।
अब तक समर्थन का गणित कुछ इस प्रकार बनता दिख रहा है:
- TVK – 108 सीटें
- कांग्रेस – 5 सीटें
- IUML – 2 सीटें
- CPI – 2 सीटें
- CPM – 2 सीटें
- VCK – समर्थन की पुष्टि/सहयोग
इन समर्थन पत्रों के बाद TVK बहुमत के जरूरी आंकड़े तक पहुंचती दिखाई दे रही है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार यह संख्या 118 के पार जा चुकी है, जिससे विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह लगभग साफ मानी जा रही है।
IUML का समर्थन क्यों अहम?
IUML का समर्थन सिर्फ सीटों की संख्या के लिहाज से नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विजय की पार्टी को अल्पसंख्यक समुदायों में भरोसे का संकेत मिला है। कांग्रेस के साथ IUML का जुड़ना एक व्यापक “सेक्युलर फ्रंट” की छवि बना सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि IUML के आने से TVK की स्वीकार्यता गठबंधन राजनीति में बढ़ी है और इससे अन्य छोटे दलों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
DMK और AIADMK के लिए बड़ा झटका
तमिलनाडु में दशकों से राजनीति मुख्य रूप से Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन इस चुनाव में TVK ने इस परंपरागत समीकरण को तोड़ दिया।
TVK का सत्ता के करीब पहुंचना राज्य की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत माना जा रहा है। खासतौर पर युवाओं और शहरी वोटरों में विजय की लोकप्रियता ने इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाई।
कांग्रेस ने रखी शर्त
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने समर्थन देते समय यह स्पष्ट किया है कि गठबंधन में “सांप्रदायिक ताकतों” को शामिल नहीं किया जाएगा। इसका सीधा संकेत भाजपा या NDA से दूरी बनाए रखने की शर्त के रूप में देखा जा रहा है। यही वजह है कि विजय ने NDA से समर्थन लेने से इनकार करते हुए विपक्षी दलों की ओर रुख किया।
आगे क्या?
अब निगाहें राज्यपाल के अगले कदम पर हैं। विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है और समर्थन पत्र जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यदि सभी सहयोगी दल औपचारिक रूप से समर्थन पत्र सौंप देते हैं, तो जल्द ही विजय को सरकार गठन का न्योता मिल सकता है।
अगर ऐसा होता है, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा — पहली बार विजय मुख्यमंत्री पद तक पहुंचेंगे और TVK अपनी पहली ही विधानसभा चुनाव में सत्ता में आ जाएगी।
राजनीतिक मायने
यह घटनाक्रम सिर्फ सरकार गठन तक सीमित नहीं है। यह तमिलनाडु में नई राजनीतिक धुरी बनने का संकेत है। कांग्रेस, IUML, वाम दल और VCK का TVK के साथ आना 2029 लोकसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए भी बड़ा संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक विजय अब सिर्फ फिल्मी सुपरस्टार नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय राजनीति के बड़े शक्ति केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।




