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माता पिता हैं हमारी सच्ची खुशियों के बागवान

डाक्टर दीपक गोस्वामी मां बाप हमारी अदृश्य सुरक्षा छत कवच है, जो घर की बुनियाद थे, आज उसी घर की दीवार पर टंगी पुरानी तस्वीर हो गए हैं। फ्रेम है, माला है, पर बात करने वाला कोई नहीं। वृद्धावस्था अब…

धर्मयुद्ध की चंडी-राजमाता अहिल्या बाई होल्कर

डाक्टर दीपक गोस्वामी लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का स्मरण करते ही भारतभूमि पर मातृशक्ति का वह रूप प्रकट होता है जिसमें वात्सल्य और वार दोनों एक साथ बसते हैं। उनके अट्ठाईस वर्ष का शासन केवल धर्मशाला और घाटों की कथा नहीं,…

अम्मुकेयर चैरिटेबल ट्रस्ट 1 जून को नासिक में शुरू करेगा छठा मोहनजी अन्नक्षेत्र, देशभर में चला रहा व्यापक जनकल्याण अभियान

लखनऊ । ब्रह्मर्षि डॉ. मोहनजी द्वारा स्थापित अम्मुकेयर चैरिटेबल ट्रस्ट 1 जून 2026 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर में अपने छठे मोहनजी अन्नक्षेत्र का उद्घाटन करने जा रहा है। यह नया अन्नक्षेत्र तीर्थयात्रियों, साधु-संतों, आर्थिक रूप से कमज़ोर…

प्रमाणित आँकड़ों की कसौटी पर हिंदी पत्रकारिता का यथार्थ

डॉक्टर दीपक गोस्वामी हिंदी पत्रकारिता आज एक कठिन मोड़ पर खड़ी है। छोटे-मंझोले पत्र-पत्रिकाओं के सामने पाठकों की कमी सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। यह संकट केवल आर्थिक नहीं, सामाजिक भी है। इसे समझने के लिए हमें तथ्यों को…

हिंदी पत्रकारिता के लिए गर्व का दिन है 30 मई

आदर्श प्रकाश सिंह यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हिंदी पत्रकारिता ने 200 साल का लंबा सफर तय कर लिया है। हिदी के प्रथम पत्र ‘उदंत मार्तंड‘ का प्रकाशन कोलकाता से 30 मई 1826 को हुआ था। पंडित…

रक्त से नहीं, संकल्प से बंधा रिश्ता है-भाई

डाक्टर दीपक गोस्वामी भाई शब्द केवल चार अक्षरों का मेल नहीं है, यह सृष्टि का वह स्पंदन है जहाँ उपकार का हिसाब नहीं रखा जाता, सहकार की सांस चलती है। उपकार में अहसान का बोझ होता है, सहकार में कंधे…

वसुधैव कुटुम्बकम की अदभुत संकल्पना -अंतरराष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस

हर साल 22 मई को धरती एक त्योहार मनाती है जिसका नाम है अंतरराष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस। यह तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि 22 मई 1992 को नैरोबी में जैविक विविधता संधि का पाठ स्वीकार हुआ था। संयुक्त राष्ट्र ने…

वृद्धावस्था! बक बक नही है…सम्मान से सुनो, मुझे भी कुछ कहना है!

डाक्टर दीपक गोस्वामी 'वृद्ध' लोगों का ज़्यादा बोलना हमारे लिए अक्सर झुंझलाहट बन जाता है। हम कह देते हैं "बाबा फिर शुरू हो गए", "दादी अब चुप भी करो"। पर डॉक्टर जब उसी बात को सुनते हैं तो कहते हैं…

तेलंगाना सरकार की तरह सारे राज्यों को नफ़रती भाषण के ख़िलाफ़ क़ानून बनाना चाहिए

तेलंगाना सरकार की तरह सारे राज्यों को नफ़रती भाषण के ख़िलाफ़ क़ानून बनाना चाहिए। भारत में नफ़रत फैलाने वाले भाषण आज लोकतंत्र, सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं। धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र…

राज्यपालों की भूमिका पर फिर उठ रहे सवाल

यशोदा श्रीवास्तव तमिलनाडु में राज्यपाल की ओर से जिस तरह सबसे बड़े दल टीबी के को सरकार बनाने से रोकने की कोशिश हो रही है, उससे फिर एक बार भारत में राज्यपालों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई…

लखनऊ में सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं अधिवक्ता अनुराग पाण्डेय

लखनऊ। सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण और धार्मिक आयोजनों के क्षेत्र में सक्रिय अधिवक्ता अनुराग पाण्डेय लगातार जनसेवा और समाज जागरण के कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में वे गंगा समग्र अवध प्रांत के सह संयोजक के रूप…

जागो तो सवेरा सो गए तो अंधेरा

डाक्टर दीपक गोस्वामी केवल कहावत नहीं, जीवन का सबसे सीधा गणित है। जागना मतलब आंख खोलना भर नहीं होता। जागना मतलब जिम्मेदारी को पहचानना, समय की कीमत समझना, और जो हाथ में है उसी से शुरू कर देना। जो व्यक्ति…

वयं परिवर्तनशीलम्: परिवर्तन की शाश्वत कथा

डाक्टर दीपक गोस्वामी परिवर्तनशीलता केवल ब्रह्मांड का नियम नहीं, मनुष्य का स्वभाव भी है। "वयं परिवर्तनशीलम्" का अर्थ है - हम बदलने वाले हैं। और यह बदलाव ही हमें जीवित रखता है। 1. दार्शनिक आधार: स्थिरता एक भ्रम हैबुद्ध ने…

भारत में प्रेस की आजादी, लड़ाई अभी जारी है

भारत में प्रेस की आजादीलड़ाई अभी जारी है डाक्टर दीपक गोस्वामीआप देश के चर्चित लेखक,मोटिवेशनल स्पीकर, ट्रेनर,सामाजिक कार्यकर्ता है। भारत में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) में बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के तहत संरक्षित है। सुप्रीम कोर्ट ने कई फैसलों…

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस! हां, मैं मजदूर हूं!

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवसहाँ मैं मजदूर हूँ। मजदूर की अत्याधुनिक व्याख्या: आधुनिक भारत की कड़वी सच्चाई 1. परिभाषा बदल गई, पीड़ा वही रही पहले मजदूर का मतलब था फावड़ा-कुदाल वाला इंसान। धोती, गमछा, माथे पर पसीना। आज मजदूर की शक्ल बदल…

पुस्तक केवल कागज़ नहीं, यह समय-यात्रा का यंत्र है।

डाक्टर दीपक गोस्वामी विश्व पुस्तक और कॉपीराइट दिवस 2026, 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को मनाया जाएगा। यह यूनेस्को (UNESCO) द्वारा घोषित एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य पुस्तकों के महत्व, पढ़ने की संस्कृति, प्रकाशन और कॉपीराइट के प्रति जागरूकता बढ़ाना…

विकल्प रहित संकल्प

डा. दीपक गोस्वामी विकल्प रहित संकल्प: जब सेतु जला दिए जाते हैं इतिहास में सबसे खतरनाक योद्धा वो नहीं थे जिनके पास सबसे बड़े हथियार थे। खतरनाक वो थे जिन्होंने लौटने के सारे रास्ते खुद बंद कर दिए थे। 711…

हिन्दी पत्रकारिता के एक स्तंभ थे माखनलाल जी

आदर्श प्रकाश सिंह हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में माखनलाल चतुर्वेदी जी का नाम बड़े आदर के साथ लिया जाता है. उनका जन्म 4 अप्रैल 1889 को खंडवा में हुआ था. माखनलाल जी मूल रूप से कवि थे. लोकमान्य तिलक को…

हनुमान जी की जन्म कथा सचमुच अद्भुत है!

दीपक गोस्वामी परम राम भक्त चिंरजीव श्री हनुमान जी महाराज का जन्म चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन वानर राज केसरी और माता अंजना के घर हुआ था। उन्हें भगवान शिव का 11वां रुद्रावतार और पवनपुत्र माना जाता है। पौराणिक…

श्री राम विवाहोत्सव 6 दिसंबर को

ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल लखनऊ। विवाह पंचमी मार्गशीर्ष के महीने के शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन मनाई जाती है. इस बार विवाह पंचमी 6 दिसंबर को है.पंचमी तिथि 5 दिसंबर की रात्रि 12 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 6…

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