Hanuman Ansh: बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों एक ऐसी फिल्म चर्चा में है, जिसकी कमाई का ग्राफ देखकर हर कोई हैरान है। कम बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने शुरुआत भले ही बेहद धीमी की हो, लेकिन अब फिल्म की कमाई में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। फिल्म ने पहले दिन महज 10 लाख रुपये से खाता खोला था, जबकि 23वें दिन इसका कलेक्शन करोड़ों तक पहुंच गया। फिल्म की खास बात इसकी कहानी भी है। ‘हनुमान अंश’ की कहानी नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित बताई गई है। आध्यात्मिक पृष्ठभूमि वाली इस कहानी को दर्शकों से लगातार अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। यही वजह है कि रिलीज के कई दिनों बाद भी फिल्म की कमाई में गिरावट के बजाय तेजी देखने को मिल रही है।
23वें दिन की कमाई ने चौंकाया
सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को फिल्म ने करीब 9.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इस दिन फिल्म के 4,137 शो चले। इसके साथ ही भारत में ‘हनुमान अंश’ का कुल नेट कलेक्शन 27.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन करीब 32.33 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस फिल्म ने महज 10 लाख रुपये की ओपनिंग की थी, उसने 23वें दिन 9 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली। यानी शुरुआती कलेक्शन की तुलना में फिल्म की कमाई में करीब 9150 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है।
2 करोड़ के बजट में 32 करोड़ की कमाई
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस सफर बेहद अलग रहा है। शुरुआत में फिल्म की रफ्तार काफी धीमी थी, लेकिन दूसरे और तीसरे हफ्ते में दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ती गई। खासतौर पर 17वें दिन के बाद फिल्म के कलेक्शन में अच्छी तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को फिल्म ने करीब 6.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जो पिछले दिन की तुलना में लगभग 197.6 प्रतिशत की बढ़त थी। इसके बाद फिल्म की कमाई लगातार ऊपर जाती रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 2 करोड़ रुपये है। ऐसे में 32 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन हासिल करना मेकर्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बजट के मुकाबले फिल्म ने करीब 800 प्रतिशत तक का मुनाफा दर्ज किया है।
नीम करौली बाबा की जिंदगी से जुड़ी है कहानी
‘हनुमान अंश’ का लेखन और निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। फिल्म की कहानी नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित है, जिन्हें उनके अनुयायी महाराज-जी के नाम से भी जानते हैं। कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी दिवंगत मां से दोबारा मिलने की इच्छा में ईश्वर की तलाश शुरू करता है। इस तलाश के दौरान उसे जीवन, प्रेम और सेवा का अलग अर्थ समझ में आता है। आध्यात्मिक अनुभवों और मानवीय संवेदनाओं से गुजरते हुए उसकी यात्रा उसे नीम करौली बाबा के रूप में एक नई पहचान तक पहुंचाती है। फिल्म की इसी आध्यात्मिक कहानी और विषय ने दर्शकों के बीच इसे खास चर्चा दिलाई है। कम बजट और बेहद धीमी शुरुआत के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का इस तरह आगे बढ़ना निश्चित तौर पर चौंकाने वाला है।






















