लखनऊ। सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है और उनके पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी।
हरियाली तीज के अवसर पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए व्रत रखती हैं। महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर अखंड सौभाग्य और घर में सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं।
हरे वस्त्र पहनने और झूला झूलने की परंपरा
हरियाली तीज पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। इस दिन महिलाएं नए वस्त्र पहनती हैं और विशेष रूप से हरे रंग की साड़ी या अन्य हरे परिधान धारण करती हैं। महिलाएं एक-दूसरे के साथ तीज के गीत गाती हैं और झूला झूलकर पर्व का आनंद लेती हैं।
इस समय शुरू और समाप्त होगी तृतीया तिथि
पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 अगस्त की शाम 6:46 बजे से शुरू होकर 15 अगस्त की शाम 5:28 बजे तक रहेगी। इसी वजह से हरियाली तीज का पर्व 15 अगस्त को मनाया जाएगा।
इस दिन शिव योग के बाद सिद्धि योग रहेगा। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, जबकि चंद्रमा सुबह 9:34 बजे तक सिंह राशि में रहने के बाद कन्या राशि में प्रवेश करेगा।
हरियाली तीज पर विशेष दान और उपाय
ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल, स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र, अलीगंज, लखनऊ के अनुसार, इस बार हरियाली तीज शनिवार के दिन पड़ रही है। ऐसे में सुहागिन महिलाएं उड़द की दाल, काला तिल और काले रंग के वस्त्र का दान कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि काले कुत्ते और काली गाय को सरसों का तेल लगी रोटी तथा गुड़ खिलाने का भी विधान बताया गया है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इन उपायों से भगवान शिव के साथ शनिदेव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। साथ ही पति को शनि संबंधी दोषों और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने की मान्यता बताई गई है।
हरियाली तीज केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि दांपत्य प्रेम, सौभाग्य और पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार भी है। इस दिन महिलाएं श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करती हैं।






















