लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में प्रेसवार्ता कर कांग्रेस, सपा और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल अपने हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा देश की छवि को नुकसान पहुंचता है।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष की चुनावी राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव जीत जाएं तो इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं और जनता नकार दे तो चुनाव आयोग और ईवीएम को दोषी ठहरा देते हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक रवैये की दोहरी नीति बताया और कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के आरोप लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं हैं।
SIR पर हंगामे को लेकर कांग्रेस-सपा पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहले भी मतदाता सूचियों का गहन पुनरीक्षण होता रहा है। उनके मुताबिक 1952, 1962 और 2003 में भी SIR जैसी प्रक्रिया हुई थी। ऐसे में मौजूदा SIR को लेकर कांग्रेस, सपा और आरजेडी की ओर से किए जा रहे विरोध पर उन्होंने सवाल उठाया।
निर्वाचन आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार भी विभिन्न समय पर मतदाता सूचियों का intensive revision हुआ है। आयोग के दस्तावेजों में उत्तर प्रदेश के लिए पिछली intensive revision की qualifying date 1 जनवरी 2003 और मौजूदा प्रक्रिया के लिए 1 जनवरी 2026 दर्ज है।
योगी ने कहा कि मतदाता सूची को लेकर चल रही प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं को शामिल करना है। निर्वाचन आयोग भी SIR को मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र मतदाताओं के समावेशन से जोड़ता है।
EVM को ‘ब्लैक बॉक्स’ बताने पर राहुल गांधी पर हमला
मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस EVM के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र और कई राज्यों में चुनाव जीते हैं, उसी को अब ‘ब्लैक बॉक्स’ कहना दुर्भाग्यपूर्ण है।
योगी ने राहुल गांधी के विदेश में दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष भारत की लोकतांत्रिक और न्यायिक संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।
‘कांग्रेस को अपनी हरकतों के लिए माफी मांगनी चाहिए’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगातार सवाल उठाकर देश की बदनामी करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने प्रेस के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे अपनी गैर-जिम्मेदाराना हरकतों पर नियंत्रण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने Form-6 और छूटे हुए मतदाताओं को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। योगी ने कांग्रेस से संवैधानिक संस्थाओं और नागरिकों से माफी मांगने की मांग की।
आपातकाल से राफेल तक कांग्रेस पर बरसे योगी
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इतिहास को लेकर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया।
उन्होंने विभिन्न राज्यों की निर्वाचित सरकारों को हटाए जाने, राफेल मामले में CAG पर सवाल उठाने और बालाकोट एयरस्ट्राइक तथा ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया।
योगी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक विरोध करते समय भी जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना चाहिए।
SIR पर सियासी टकराव और तेज
उत्तर प्रदेश में SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर 2026 SIR के लिए मतदाता अपना नाम खोजने और संबंधित प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज देखने की सुविधा भी उपलब्ध है।
ऐसे में योगी का ताजा हमला विपक्ष के आरोपों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं विपक्ष SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवाल लगातार उठा रहा है। दोनों पक्षों के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और बढ़ने के संकेत हैं।





















