नई दिल्ली। भारतीय रेलवे स्वच्छ और हरित परिवहन की दिशा में एक नया अध्याय लिखने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर हाइड्रोजन तकनीक से चलने वाली ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन पारंपरिक इलेक्ट्रिक ट्रेनों की तरह ओवरहेड बिजली लाइनों पर निर्भर नहीं है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल की मदद से यह स्वयं बिजली उत्पन्न करती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं
- मार्ग: जींद–सोनीपत (89 किलोमीटर)
- शुरुआती किराया: न्यूनतम 5 रुपये, पूरे मार्ग का किराया 25 रुपये
- निर्माण लागत: लगभग 82 करोड़ रुपये
- कोच: 10 (2 पावर कार और 8 यात्री कोच)
- इंजन क्षमता: 1200 किलोवाट
- अधिकतम गति: 120 किमी/घंटा
- प्रारंभिक परिचालन गति: 75 किमी/घंटा
- यात्रा समय: लगभग 2 घंटे
सुरक्षा पर विशेष ध्यान
ट्रेन में अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकें लगाई गई हैं, जिनमें हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्शन सिस्टम और गैस की लगातार निगरानी शामिल है। किसी भी आपात स्थिति में हाइड्रोजन की आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर ट्रेन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन परिचालन के लिए तैयार है। उन्होंने इसे भारतीय रेलवे की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर भारत अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।







