बाराबंकी। बरसात शुरू होते ही विद्युत उपखंड रामसनेहीघाट क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। लगातार फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या के कारण ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही है, वहीं कई गांवों में 10 घंटे की भी नियमित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों राम सुरेश, शोभाराम, रामदुलारे, कमला प्रसाद और राजबहादुर ने बताया कि पिछले एक महीने से लगातार फाल्ट की समस्या बनी हुई है। दिनभर बिजली बार-बार आती-जाती रहती है और लगातार एक घंटे तक भी आपूर्ति नहीं मिल पाती। उमस और गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं धान की रोपाई के मौसम में नलकूपों को पर्याप्त बिजली न मिलने से सिंचाई कार्य भी बाधित हो रहा है।
कोटवा सड़क और सनौली फीडर से जुड़े क्षेत्रों में बुधवार रात करीब 11 बजे से गुरुवार सुबह 8 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे करीब एक लाख की आबादी प्रभावित हुई। कोटवा सड़क, पूरे चुराई, हथौंधा, सनकापुर, सोहिलपुर, मोहम्मदपुर, कीरत समेत कई गांवों के लोगों को रातभर भीषण गर्मी में हाथ के पंखे का सहारा लेना पड़ा।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि घोषित रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।
इस संबंध में विद्युत उपखंड अधिकारी (एसडीओ) सर्वेश कुमार ने बताया कि राघवपुर के पास बिजली का तार टूट जाने से आपूर्ति बाधित हुई थी। गुरुवार सुबह मरम्मत कार्य पूरा कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।







