गोरखपुर में छह वर्षीय बच्चे के अपहरण का दर्दनाक अंत, सीसीटीवी फुटेज से खुला राज; आरोपी गिरफ्तार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
गोरखपुर। सहजनवा नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड-9 पिपरा नई कॉलोनी से लापता छह वर्षीय अंशुमान सिंह की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मकान में किराए पर रहने वाले आरोपी कल्पेश को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में फिरौती के लिए बच्चे के अपहरण की साजिश रचने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि करीब एक माह पहले उसकी नौकरी छूट गई थी और आर्थिक तंगी के चलते उसने मासूम का अपहरण कर उसके पिता से फिरौती वसूलने की योजना बनाई। वह बच्चे को बहला-फुसलाकर वार्ड-10 स्थित लुचुई रेलवे ओवरब्रिज के नीचे एक बंद मकान के पीछे बने खंडहरनुमा कमरे में ले गया। वहां बच्चे के हाथ-पैर बांधने के दौरान उसका सिर दीवार से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी शव वहीं छोड़कर फरार हो गया।
मृतक अंशुमान सिंह, पिपरा नई कॉलोनी निवासी विनय सिंह उर्फ कन्हैया का छह वर्षीय पुत्र था और यूकेजी का छात्र था। गुरुवार शाम करीब पांच बजे वह घर से फुल्की खाने के लिए निकला था। कुछ देर बाद वह दोबारा बाहर गया, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने तलाश के बाद पुलिस को सूचना दी, जिस पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने रातभर सीसीटीवी फुटेज खंगाले और डॉग स्क्वॉयड की मदद से जांच की। एक मैरिज हॉल के बाहर लगे कैमरे में अंशुमान आरोपी कल्पेश के साथ जाता दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर शुक्रवार को खंडहर से मासूम का शव बरामद कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कल्पेश मूल रूप से संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा क्षेत्र का निवासी है। वह पहले गीडा की एक फैक्टरी में काम करता था, लेकिन करीब एक माह पहले नौकरी छूटने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहा था। प्रेम विवाह के बाद वह सहजनवा में रह रहा था और 26 मई से मृतक के पिता के मकान में किराएदार के रूप में रह रहा था।
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी डॉ. कौस्तुभ मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉयड ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ बढ़ने के कारण प्रशासन ने एंबुलेंस के बजाय ऑटो से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि प्रथम दृष्टया आरोपी ने फिरौती के लिए अपहरण की साजिश रचने और पूछताछ में घटना स्वीकार करने की बात कही है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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