तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच तेहरान ने वाशिंगटन को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने कहा है कि यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से फिर हमला किया गया तो युद्ध का मोर्चा हिंद महासागर तक फैल सकता है। सफवी का यह बयान ईरान की फार्स समाचार एजेंसी द्वारा जारी वीडियो में सामने आया है।
सफवी ने कहा कि संघर्ष पहले ही फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य से लाल सागर तक पहुंच चुका है। ऐसे में यदि फिर सैन्य कार्रवाई होती है तो युद्ध का क्षेत्र और आगे बढ़ सकता है और हिंद महासागर तक पहुंचने की स्थिति बन सकती है। उन्होंने इसके आगे भी संघर्ष फैलने की आशंका जताई। यह पहली बार बताया जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के किसी सलाहकार ने हिंद महासागर को संभावित युद्ध क्षेत्र के रूप में स्पष्ट रूप से जोड़ा है।
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में समुद्री यातायात पर पहले से दबाव है। होर्मुज दुनिया के प्रमुख तेल और गैस परिवहन मार्गों में शामिल है। हालिया आंकड़ों के अनुसार इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही सामान्य औसत से काफी कम बनी हुई है।
भारत के लिए बढ़ सकती है चिंता
संघर्ष हिंद महासागर तक फैलने पर भारत सहित एशिया के समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ सकती है। खाड़ी क्षेत्र से भारत आने वाले ऊर्जा संसाधनों और अन्य सामान की समुद्री आवाजाही प्रभावित हो सकती है। जहाजों के बीमा खर्च और माल ढुलाई की लागत भी बढ़ सकती है। हालांकि, ईरानी अधिकारी की चेतावनी फिलहाल एक संभावित विस्तार की बात है, इसे हिंद महासागर में युद्ध फैलने की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जा सकता।
उधर, तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान और अमेरिका से जुड़े अधिकारियों के बीच बातचीत हुई है। तेहरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए प्रतिबंध हटाने और विदेशों में जमी अपनी संपत्तियों को मुक्त करने जैसी शर्तें रखी हैं।





















