Kanpur student death: महाराजपुर थाना क्षेत्र के विपौसी गांव में 14 वर्षीय छात्र की अचानक मौत से हड़कंप मच गया। छात्र के शव पर गले और शरीर के कुछ हिस्सों में चोट के निशान मिलने के बाद उसकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने छात्र की मां पर गंभीर आरोप लगाए हैं और गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल हत्या की पुष्टि नहीं की है। पुलिस के मुताबिक घटना की सूचना 11 सितंबर की सुबह मिली थी। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी गांव पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आटा लेकर घर पहुंचा था सत्यम
विपौसी गांव निवासी सर्वेश निषाद रोजगार के सिलसिले में गुजरात या मुंबई में निजी कंपनी में काम करते हैं, जबकि उनकी पत्नी बच्चों के साथ गांव में रहती हैं। दंपती के तीन बेटे हैं। इनमें 14 वर्षीय सत्यम सबसे बड़ा था। उसके दो छोटे भाई शिवम और सुंदरम हैं। परिजनों के अनुसार, 10 सितंबर की शाम करीब पांच बजे सत्यम चक्की से आटा लेकर घर लौटा था। घर पहुंचने के कुछ समय बाद उसने पेट में दर्द होने की बात कही और चारपाई पर जाकर लेट गया। काफी देर तक जब वह नहीं उठा तो घरवालों ने उसे जगाने का प्रयास किया। हालत गंभीर नजर आने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अगली सुबह पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने शव की जांच की तो गले और शरीर पर चोट के निशान नजर आए। इसके बाद पुलिस ने मौत को संदिग्ध मानकर जांच शुरू कर दी।
पिता को फोन पर मिली बेटे की मौत की खबर
सत्यम के पिता सर्वेश निषाद ने बताया कि उन्हें बेटे की मौत की सूचना फोन के जरिए दी गई। उनके अनुसार, सुबह करीब छह बजे पड़ोस के एक युवक ने फोन कर बताया कि उनका बेटा नहीं रहा। सर्वेश ने जब घटना की वजह पूछी तो उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। पिता का कहना है कि उन्हें सिर्फ सिर में चोट लगने और वहां बर्फ लगाए जाने की बात बताई गई थी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने लाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
गले के निशान के बाद ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
छात्र के गले पर निशान मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ ग्रामीणों ने उसकी मां पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। हालांकि, अभी तक यह केवल ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोप हैं। पुलिस ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और मामले में फिलहाल कोई प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हुई है। एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार के अनुसार, मृतक के परिवार की ओर से अभी कोई लिखित शिकायत पुलिस को नहीं दी गई है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
बीमारी से लेकर चोट तक, हर पहलू की जांच
सुनहैला चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि 11 सितंबर की सुबह छात्र की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसीपी आशुतोष कुमार ने कहा कि मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। छात्र की मौत बीमारी, चोट, दम घुटने या किसी अन्य कारण से हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर उसके आधार पर भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




















