4500 से अधिक भूखंडों का पंजीकरण खुलेगा
लखनऊ। लंबे इंतजार के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की नैमिष नगर और वरुण विहार आवासीय योजनाओं की शुरुआत हो गई। दोनों योजनाओं के पहले चरण में 4500 से अधिक भूखंडों के लिए पंजीकरण खोले जाएंगे। एलडीए के मुताबिक दोनों योजनाओं में आगे चलकर करीब 50 हजार भूखंड विकसित किए जाने हैं। इसके साथ ही शहर में पांच मल्टीस्टोरी आवासीय परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया गया है।
नैमिष नगर योजना सीतापुर रोड के पास और वरुण विहार योजना आगरा एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित की जा रही है। नैमिष नगर में भूखंड की दर 3800 रुपये प्रति वर्गफीट, जबकि वरुण विहार में 2800 रुपये प्रति वर्गफीट निर्धारित की गई है।
योजनाओं में भूखंड के लिए पंजीकरण एलडीए की निर्धारित वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकेगा। बुकलेट के लिए 1100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
नैमिष नगर में 72 से 450 वर्गमीटर तक के भूखंड
सीतापुर रोड स्थित नैमिष नगर योजना करीब 4100 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पहले चरण में अलग-अलग आकार के भूखंड प्रस्तावित हैं। इनमें 72 वर्गमीटर के 197, 112.5 वर्गमीटर के 524, 162 वर्गमीटर के 520, 200 वर्गमीटर के 299, 288 वर्गमीटर के 103 और 450 वर्गमीटर के 30 भूखंड शामिल हैं।
इस योजना में भूखंड की निर्धारित दर 3800 रुपये प्रति वर्गफीट है।
वरुण विहार में 6580 एकड़ में योजना
आगरा एक्सप्रेसवे के पास प्रस्तावित वरुण विहार योजना का कुल क्षेत्रफल करीब 6580 एकड़ बताया गया है। यहां 112.5 वर्गमीटर के 1517, 162 वर्गमीटर के 460, 200 वर्गमीटर के 612, 288 वर्गमीटर के 68, 300 वर्गमीटर के 81 और 450 वर्गमीटर के 109 भूखंड प्रस्तावित हैं।
वरुण विहार में भूखंड की दर 2800 रुपये प्रति वर्गफीट निर्धारित की गई है।
पांच मल्टीस्टोरी आवासीय परियोजनाएं भी शुरू
भूखंड योजनाओं के साथ एलडीए की पांच मल्टीस्टोरी आवासीय योजनाओं का भी शुभारंभ किया गया है। इनमें गोमतीनगर के विराजखंड में लेक व्यू अपार्टमेंट में थ्री बीएचके प्लस सर्वेंट के 646 फ्लैट प्रस्तावित हैं।
बसंतकुंज के सेक्टर-जे में पार्क व्यू अपार्टमेंट में इसी श्रेणी के 364 फ्लैट बनाए जाएंगे। ऐशबाग में ऐशबाग स्क्वॉयर अपार्टमेंट में थ्री बीएचके प्लस सर्वेंट के 384 फ्लैट प्रस्तावित हैं।
एलडीए की इन परियोजनाओं में आवासीय भूखंडों के साथ बहुमंजिला आवास का विकल्प भी उपलब्ध कराया जा रहा है। योजनाओं के पंजीकरण और आवंटन से संबंधित विस्तृत शर्तें प्राधिकरण की ओर से जारी की जाएंगी।





















