महिला रिकर्व टीम ने भी रचा इतिहास, दक्षिण कोरिया को हराकर जीता स्वर्ण
नागोया (जापान), 2 अक्टूबर। एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए शुक्रवार का दिन स्वर्णिम रहा। स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किलोग्राम कैटेगरी में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर अपने करियर का पहला एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीता।
लवलीना के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले उन्होंने 2022 एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था। इस बार उन्होंने फाइनल में चीन की बाओ जियी को हराकर स्वर्ण अपने नाम किया। वह एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बनी हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि एमसी मैरी कॉम ने हासिल की थी।
महिला रिकर्व टीम ने पहली बार जीता गोल्ड
भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने भी एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। अंकिता भगत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम अनिल मोहोड की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया।
दक्षिण कोरिया ने 1998 से इस स्पर्धा में लगातार स्वर्ण पदक जीते थे। भारत इससे पहले महिला टीम रिकर्व के फाइनल में भी नहीं पहुंचा था। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने कोरियाई वर्चस्व को समाप्त कर पहली बार एशियन गेम्स का खिताब अपने नाम किया।
फाइनल के पहले दो सेट बराबरी पर रहे। तीसरे सेट में भारत ने 55-51 से बढ़त बनाकर स्कोर 4-2 कर दिया। चौथे सेट में मुकाबला फिर बराबरी पर रहा और भारत ने 5-3 के सेट स्कोर से स्वर्ण पदक पक्का कर लिया।
17 वर्षीय कुमकुम मोहोड ने निर्णायक क्षणों में शानदार प्रदर्शन किया, जबकि अनुभवी अंकिता भगत और कीर्ति शर्मा ने भी टीम को मजबूती दी।
भारत की पदक तालिका में बढ़ोतरी
लवलीना के स्वर्ण के साथ भारत के एशियन गेम्स अभियान में एक और गोल्ड जुड़ गया। दिन के शुरुआती अपडेट में भारतीय महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण भी शामिल हो चुका था। पदक तालिका की स्थिति दिनभर के अन्य मुकाबलों के परिणामों के साथ बदलती रही, इसलिए आपके मूल अपडेट में दिया गया 12 गोल्ड और 70 कुल पदकों का आंकड़ा समय-विशेष का आंकड़ा माना जाना चाहिए।
भारत के लिए 2 अक्टूबर को मुक्केबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती, हॉकी और अन्य खेलों में भी पदक की संभावनाएं बनी हुई हैं।





















