पीड़ितों ने सुनाई मौत के साये से लौटने की दास्तां
लखनऊ। अलीगंज स्थित कोचिंग एवं एनीमेशन सेंटर की इमारत में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मंगलवार को जांच तेज कर दी गई। घटना की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ इमारत के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। फोरेंसिक टीम ने जांच के मद्देनजर इमारत को सील कर दिया है।
इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की मौत हो चुकी है, जबकि कई छात्र और कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। जान बचाने के लिए कुछ लोगों को खिड़कियों के शीशे तोड़कर रस्सी और बिजली के तारों के सहारे नीचे उतरना पड़ा।
घटना में घायल दिल्ली निवासी लवप्रीत ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे लंच के बाद वह अपने कार्यालय पहुंचे थे। कुछ ही देर में नीचे से जलने की बदबू आने लगी और देखते ही देखते धुआं पूरे फ्लोर पर फैल गया। आग की लपटें तेजी से ऊपर पहुंचने लगीं और बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए। ऐसे में उन्होंने अन्य साथियों के साथ खिड़की का शीशा तोड़कर रस्सी के सहारे नीचे उतरकर जान बचाई। हादसे में उनके पैर में गंभीर चोट आई है और उनका उपचार केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
वहीं, डालीगंज निवासी भुवन ने बताया कि हादसे से ठीक पहले कार्यालय में एक सहकर्मी का जन्मदिन मनाया जा रहा था। सभी लोग शुभकामनाएं दे रहे थे कि तभी आग लगने की सूचना मिली। लोग सीढ़ियों की ओर भागे, लेकिन वहां घना धुआं भर चुका था। कुछ ही क्षणों में खुशी का माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया।
प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट तथा एसी के कंप्रेसर में विस्फोट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पेट शॉप के वेयरहाउस में आग लगने के बाद उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। दूसरी और तीसरी मंजिल पर संचालित कोचिंग सेंटर एवं थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग संस्थान में मौजूद छात्र बाहर नहीं निकल सके और भीतर ही फंस गए।
सूचना मिलने पर पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 15 शव बरामद किए गए, जबकि कई घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं, राजनाथ सिंह ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों से जानकारी ली। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





















