फायर एनओसी न होने पर कार्रवाई
उन्नाव। शहर में भवनों के बेसमेंट का नियमों के विपरीत व्यावसायिक उपयोग करने और अग्निशमन सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को एसडीएम न्यायिक के नेतृत्व में उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चार होटल-रेस्टोरेंट तथा एक नवनिर्मित अस्पताल को सील कर दिया।
यूएसडीए और अग्निशमन विभाग की ओर से हाल ही में की गई जांच में शहर की 13 इमारतों में फायर एनओसी समेत अन्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया था। वहीं नौ भवनों के बेसमेंट का उपयोग वाहन पार्किंग अथवा स्टोर के बजाय होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि कई भवनों में आपात स्थिति में निकासी के लिए दूसरा द्वार, वेंटिलेशन और अग्निशमन से जुड़े आवश्यक प्रबंध नहीं थे। इसके बाद 22 भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया था।
जिलाधिकारी एवं यूएसडीए के उपाध्यक्ष घनश्याम मीणा के निर्देश पर बृहस्पतिवार को एसडीएम न्यायिक उदयवीर सिंह, प्राधिकरण के सचिव शुभम सिंह और अग्निशमन अधिकारी राममिलन भारती के नेतृत्व में टीम ने पीतांबर नगर स्थित सम्राट होटल, गांधीनगर मोहल्ले में अवस्थी स्वीट्स, कोतवाली के सामने स्थित विजय कॉन्टिनेंटल तथा गदनखेड़ा स्थित होटल काशिश क्राउन को सील कर दिया। इन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले और बेसमेंट का उपयोग निर्धारित मानकों के विपरीत पाया गया।
इसके अलावा शेखपुर मोहल्ले स्थित उत्तम हॉस्पिटल को भी अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न होने तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर सील कर दिया गया।
सुरक्षा मानकों का उल्लंघन
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार संबंधित प्रतिष्ठानों ने अग्निशमन विभाग से अनिवार्य एनओसी प्राप्त नहीं की थी। कई भवनों में बेसमेंट का उपयोग वाहन पार्किंग या स्टोर के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए दूसरा निकास द्वार और धुआं बाहर निकालने के लिए समुचित वेंटिलेशन की व्यवस्था भी नहीं पाई गई।
यूएसडीए के सचिव शुभम सिंह ने बताया कि बिना स्वीकृत नक्शे और फायर एनओसी के संचालित सभी भवनों की जांच कराई जा रही है। कमियों को दूर करने के लिए भवन स्वामियों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि के बाद भी मानकों का अनुपालन नहीं होने पर सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी।
अग्निशमन विभाग के प्रमुख मानक
- दमकल वाहनों के पहुंचने के लिए पर्याप्त मार्ग होना चाहिए।
- होज पाइप, फायर पंप और फायर अलार्म की व्यवस्था अनिवार्य है।
- भवन में दो सुरक्षित निकास द्वार और कम से कम एक मीटर चौड़ी सीढ़ियां होनी चाहिए।
- प्रत्येक मंजिल पर पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र लगाए जाने चाहिए।
- आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था तथा बिजली आपूर्ति बाधित होने पर निकासी मार्ग की व्यवस्था होनी चाहिए।
- भवन के आकार के अनुसार निर्धारित क्षमता का पानी का टैंक उपलब्ध होना चाहिए।








