अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति में अभी लगभग एक महीने का समय लग सकता है। तब तक मंदिर के प्रशासनिक और धार्मिक कार्यों की जिम्मेदारी संतों की समिति संभालेगी।
ट्रस्ट के अनुसार, धार्मिक समिति का गठन गोविंद गिरी की अध्यक्षता में किया गया है। समिति में स्वामी रामानंद दास, महंत राजकुमार दास, स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ, स्वामी कमलनयन दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और महंत दिनेंद्र दास शामिल हैं। यह समिति नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति तक मंदिर के संचालन और धार्मिक व्यवस्थाओं की देखरेख करेगी। बैठक में राम मंदिर में चढ़ावे की गणना में सामने आई अनियमितताओं और कथित चोरी के मामले पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट ने बताया कि इस मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी संज्ञान लिया गया। ट्रस्ट ने बताया कि चढ़ावा गणना कक्ष सहित पूरे मंदिर परिसर में लगे बंद परिपथ दूरदर्शन कैमरों (सीसीटीवी) की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सुरक्षा अधिकारियों को इन कैमरों की सीधी निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। सोने और चांदी के चढ़ावे की मात्रा तथा शुद्धता की जांच के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की टकसाल के साथ पहले से चल रही व्यवस्था जारी रखने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कथित लापरवाही पर भी न्यासियों ने नाराजगी जताई। ट्रस्ट ने बैंक के साथ वर्तमान कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त की जा सके।
बैठक के बाद महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर के सभी धार्मिक और प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं। उन्होंने मंदिर प्रबंधन पर लगाए जा रहे विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहा है।
डॉ. कृष्ण मोहन संभालेगी महासचिव का कार्यभार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को मणिराम दास छावनी में हुई महत्वपूर्ण बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक में ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक समाप्त होने के बाद ट्रस्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत डॉ. कृष्ण मोहन को महासचिव का कार्यभार सौंपने का निर्णय लिया। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि डॉ. कृष्ण मोहन अगले आदेश तक महासचिव की जिम्मेदारी निभाएंगे। नियमित महासचिव की नियुक्ति को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की। इसमें अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास, स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और परमानंद जी महाराज मौजूद रहे। पदेन सदस्य के रूप में अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी भी बैठक में शामिल हुए।







