डीएम ने दिए पारदर्शिता के निर्देश
एटा। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को स्टाम्प ड्यूटी से प्राप्त 2 प्रतिशत अवस्थापना निधि से कराए जाने वाले विकास कार्यों के प्रस्तावों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न नगर निकायों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
समीक्षा के दौरान नगर पंचायत मिरहची के प्रस्तावित निर्माण कार्यों में अनियमितता सामने आई। जांच में पाया गया कि पूर्व में निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की लागत का समायोजन किए बिना उसे दोबारा प्रस्ताव में शामिल कर दिया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित प्रस्ताव को निरस्त करते हुए अवर अभियंता को निर्देश दिए कि प्रस्ताव का पुनः परीक्षण कराकर, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से सत्यापन के उपरांत ही दोबारा प्रस्तुत किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अवस्थापना निधि से कराए जाने वाले सभी कार्य शासनादेशों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संपादित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिस कार्य के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है, उसी मद में प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराया जाए तथा वित्तीय नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। निधि के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर भी उन्होंने विशेष बल दिया।
बैठक में प्रस्तुत प्रस्तावों को जिलाधिकारी ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान की, लेकिन स्पष्ट किया कि अंतिम स्वीकृति लोक निर्माण विभाग द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) के तकनीकी परीक्षण एवं सत्यापन के बाद ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि नगर पालिका एवं नगर पंचायतों द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर लोक निर्माण विभाग की तकनीकी सहमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनहित को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं तथा शासन की मंशा के अनुरूप निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं।
बैठक में नगर पालिका परिषद एटा की अध्यक्ष सुधा गुप्ता, नगर पंचायत अवागढ़ के अध्यक्ष महेशपाल सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, अपर उप जिलाधिकारी अनवर राशिद फारूकी, समस्त अधिशासी अधिकारी, अवर अभियंता, एलवीसी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








