श्रावस्ती। जिले में लगातार बारिश और राप्ती नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी सहित अन्य अधिकारी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों का लगातार दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन के अनुसार, 27 सितंबर की रात आठ बजे राप्ती नदी का जलस्तर 128.850 मीटर दर्ज किया गया था, जो खतरे के निशान से 1.15 मीटर ऊपर था। 28 सितंबर की शाम पांच बजे जलस्तर घटकर 128.100 मीटर पर पहुंच गया।
अपर जिलाधिकारी ललित कुमार ने बताया कि अतिवृष्टि से जिले में हुई जनहानि, पशुहानि और मकानों सहित अन्य संपत्तियों के नुकसान का सर्वे कराया गया है। सर्वे के बाद दो मृतकों के परिवारों को आपदा राहत कोष से कुल आठ लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। इनमें इकौना और जमुनहा क्षेत्र में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी। प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
प्रशासन की ओर से पशुहानि के लिए 75 हजार रुपये, पक्के मकानों की क्षति पर एक लाख 46 हजार रुपये, कच्चे मकानों की क्षति पर दो लाख 92 हजार रुपये, झोपड़ी की क्षति पर एक लाख 36 हजार रुपये और पशु शेड की क्षति पर एक लाख पांच हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। यह राशि आपदा राहत कोष से प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई गई है।
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपदा के कारण किसी भी तरह का नुकसान होने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहायता देने में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





















