श्रावस्ती। भारतीय जनता पार्टी की ओर से सोमवार को जिला पंचायत सभागार में संवैधानिक संस्थाओं को लेकर प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा और भाजपा जिलाध्यक्ष मिश्रीलाल वर्मा ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। दद्दन मिश्रा ने कहा कि चुनाव में हार के बाद विपक्ष अपनी राजनीतिक कमजोरियों पर आत्ममंथन करने के बजाय निर्वाचन आयोग और अन्य संस्थाओं को निशाना बना रहा है।
दद्दन मिश्रा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में एसआईआर समेत प्रमुख निर्णयों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र के विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग के अनुसार, यह पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था, बल्कि एक अधिकारी के प्रशासनिक मामले तक सीमित था।
भाजपा जिलाध्यक्ष मिश्रीलाल वर्मा ने फॉर्म-6 और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष के आरोपों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम कर रहा है। वर्मा ने राहुल गांधी के ईवीएम, राफेल सौदे, बालाकोट एयर स्ट्राइक और तवांग झड़प से जुड़े पुराने बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती रही है और उसे अपने बयानों के लिए जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और राजनीतिक दलों को किसी भी मुद्दे पर तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष संजय कैराती पटेल, उदय प्रकाश त्रिपाठी, पूर्व जिला महामंत्री रणबीर सिंह, सुनील चौधरी, अरुण पाण्डेय, जिला मीडिया प्रभारी संजू तिवारी और अंकित निषाद सहित कई लोग मौजूद रहे।





















