बोले- “राम में शक्ति होती तो चोरों को तत्काल दंड मिलता”
राम मंदिर चोरी और हनुमान-सूर्य प्रसंग पर उठाए सवाल, तर्क और विज्ञान की कसौटी पर परंपराओं को परखने की दी सलाह
अभिषेक कुमार सिंह
गाजीपुर। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने गाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भगवान राम और हनुमान से जुड़े धार्मिक प्रसंगों पर सवाल उठाते हुए विवादित बयान दिया। कासिमाबाद तहसील के कुत्तुपुर गांव में कुशवाहा समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि भगवान में शक्ति होती तो राम मंदिर में हुई चोरी के दौरान चोरों को तत्काल दंड मिलता।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर से करोड़ों रुपये मूल्य के सोना-चांदी की चोरी हुई, लेकिन चोरों का कुछ नहीं बिगड़ा। इसी आधार पर उन्होंने सवाल उठाया कि जो अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सकते, वे आम लोगों की रक्षा कैसे करेंगे। स्वामी प्रसाद मौर्य ने हनुमान जी द्वारा सूर्य को निगलने की पौराणिक कथा पर भी टिप्पणी करते हुए इसे अंधविश्वास बताया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जन्म लेने वाला एक छोटा सा बंदर सूर्य जैसे विशाल पिंड को कैसे निगल सकता है। उन्होंने लोगों से किसी भी बात को आंख मूंदकर स्वीकार न करने और उसे तर्क तथा विज्ञान की कसौटी पर परखने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने गौतम बुद्ध के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी ग्रंथ में लिखी बात को केवल इसलिए नहीं मान लेना चाहिए कि वह ग्रंथ में है, बल्कि उसे अपने विवेक और बुद्धि से परखना चाहिए।








