कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के संकेत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रहने के बाद 27 जुलाई से एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने के संकेत हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में व्यापक वर्षा के साथ कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विश्लेषण के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मानसूनी द्रोणी (Monsoon Trough) का पश्चिमी छोर सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गया है। इसके चलते मानसूनी गतिविधियां फिलहाल पश्चिम और मध्य भारत की ओर केंद्रित हैं, जिससे 26 जुलाई तक उत्तर प्रदेश में बारिश का असर सीमित रह सकता है।
हालांकि, अगले 24 घंटों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश क्षेत्र में ऊपरी क्षोभमंडल तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से मानसूनी द्रोणी के फिर उत्तर की ओर खिसकने की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 27 जुलाई से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। इस दौरान कई जिलों में व्यापक वर्षा के साथ भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।







