यूपी:रकम दोगुनी करने का दिया था झांसा
लखनऊ। ग्रीन रे इंटरनेशनल कंपनी से जुड़े करीब 78 करोड़ रुपये के कथित गबन और धोखाधड़ी के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी मुरादाबाद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से की गई। ईओडब्ल्यू के मुताबिक, कंपनी के निदेशकों और एजेंटों ने कम समय में निवेश की रकम दोगुनी करने का लालच देकर लोगों से पैसा जमा कराया था।
जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी की योजनाओं पर भरोसा करते हुए बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी रकम निवेश की। निवेशकों का विश्वास बनाए रखने के लिए कुछ लोगों को समय-समय पर रकम लौटाई भी जाती थी। इसके बाद एजेंटों के माध्यम से नए निवेशकों को कंपनी की योजनाओं से जोड़ा जाता रहा।
ईओडब्ल्यू का आरोप है कि कंपनी के संचालकों और एजेंटों ने निवेशकों से जुटाई गई करीब 78 करोड़ रुपये की रकम का कथित तौर पर गबन किया और उसे आपस में बांट लिया। इसके बाद कंपनी बंद हो गई और मामले से जुड़े आरोपी फरार हो गए।
2016 में दर्ज मुकदमे में तीनों थे वांछित
ईओडब्ल्यू ने 24 सितंबर को मुरादाबाद के गलशहीद थाने में वर्ष 2016 में दर्ज मुकदमे से जुड़े तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फुरकान अहमद, फिरासत अली और इब्राहिम सैफी के रूप में हुई है।
फुरकान अहमद को कटघर थाना क्षेत्र, फिरासत अली को मूंढापांडे थाना क्षेत्र और इब्राहिम सैफी को भोजपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
कई राज्यों में दर्ज हैं मामले
ईओडब्ल्यू के अनुसार, ग्रीन रे इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों और थानों में भी मामले दर्ज हैं। इन मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।
मामले की जांच के दौरान निवेशकों से जुटाई गई रकम, कंपनी की योजनाओं, एजेंटों की भूमिका और आरोपियों से जुड़े अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।




















