उन्नाव। पुरवा के एमआरएस इंटर कॉलेज में हुए 3.01 करोड़ रुपये के गबन मामले में दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपी, प्रधान लिपिक की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।
एमआरआरएस इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम ने करीब दो महीने पहले डीआईओएस से शिकायत की थी कि वरिष्ठ लिपिक अमित कुमार मिश्र ने अपने खाते के साथ उनके और परिचारक विनोद कुमार त्रिपाठी व कुलदीप कुमार के बैंक खातों में 3,01,37,109 रुपये अलग-अलग तिथियों में जमा कराए और यह कहकर निकलवाए थे कि रुपये जीजा के हैं। मामला डीएम तक भी पहुंचा था तो तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट में गबन की पुष्टि के साथ ही डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ सहायक सागर कपूर को भी वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत करने व उनके डोंगल का गलत इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया था। इसी आधार पर सभी को पूर्व में निलंबित कर दिया गया था।
डीआईओएस सुनील दत्त ने सदर कोतवाली में चारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रधान लिपिक अमित कुमार मिश्रा ने उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ में एफआईआर को चुनौती दी। लिपिक ने न्यायालय में झूठा फंसाने की बात कही और बताया कि जो भी गलती से धनराशि उसके खाते में आई है। उसे जिला विद्यालय निरीक्षक के संज्ञान में लाकर वापस कोषागार में जमा कर दी है। उच्च न्यायालय ने डीआईओएस से विस्तृत जवाब मांगते हुए अमित मिश्रा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की है।








